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महबूबा मुफ्ती ने ऐसे समय पर जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व किया, जब प्रदेश कई राजनैतिक और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। वे राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं। उनका जीवन संघर्ष, नेतृत्व शैली और विवादों से घिरा रहा।
महबूबा मुफ्ती का जीवन परिवय-
महबूबा मुफ्ती का जन्म अनन्तनाग जिले के बिजवेहडा क्षेत्र में हुआ था। अनके पिता मुफ्ती मोहमद सईद जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री थे। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी।
महबूबा मुफ्ती का जीवन की शिक्षा-
महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर यूनीवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। इससे उनकी राजनैतिक समझ बढ़ी।
राजनीति-
महबूबा मुफ्ती ने ऐसे दौर में अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत की जब प्रदेश में उथल पुथल का दौर चल रहा था। आतंकवाद चरम पर था। शुरुआती दौर में वे कांग्रेस पार्टी से जुड़ीं। बाद में उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर जम्मू एण्ड कश्मीर डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) बनाई। जिसका उद्देश्य प्रदेश में "soft separatism एवं संवाद आधारित राजनीति को जन्म देना था। वे ग्रासरूट्स Grassroots Politics में विश्वास करती थी।
चुनावी राजनीति में सफलता
वे 2004 से 2014 तक दोबार अनन्तनाग से सांसद चुनी गयी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर विधानसभा से विधायक बनीं। उन्हें People-centric leader
माना जाता है।
मुख्य मंत्री-
सन 2016 में महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। उनकी सरकार BJP के गठबंधन से बनी थी। PDP कश्मीर केंद्रित राजनीति करती थी, जबकि BJP राष्ट्रीय स्तर की पार्टी थी। कई मुद्दों पर दोनों पार्टियों के वैचारिक मतभेद उभरे। 2018 में BJP ने अपना समर्थन वापस ले लिया और उनकी सरकार गिर गयी।
Article 370 और नजरबंदी-
केन्द्र सरकार ने 25-August 2019 को Abrogation Article-370 का फैसला लेकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया। इस कोलि के बाद जम्मू-कश्मीर के महबूबा मुफ्ती सहित सहित कई कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। लगभग एक साल हिरासत में रहने के बाद 2010 में रिहाई हुई। इसके बाद मुफ्ती ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुये कश्मीर के अधिकारों की बहाली की मांग की।
राजनैतिक विचारधारा-
मुफ्ती की राजनीति मुख्यत संवाद, शांति और जन सम्पर्क आधारित है। वे मानती हैं, कि कश्मीर समस्या बातचीत से हल हो सकती है। वह human rights, लोकतंत्र और क्षेत्रीय अधिकारों की बात करती है। उनके भाषण केंद्र और अन्य राजनैतिक दलों के विरोध में होते हैं। यही विचारधारा उन्हें विवादों में ले आती है।
++वर्ष 2025- 2026 गतिविधियां
हाल के वर्ष में वे जम्मू कश्मीर में राजनैतिक प्रक्रिया की बहाली, चुनाव और राज्य का दर्जा वापस देने की मांग कर रही हैं।
वे अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखती हैं। जिससे वह मीडिया में बनी रहती हैं। अब उन्होंने आक्रामक राजनीति अखत्यार कर ली है।
पर्सनल लाइफ
महबूबा मुफ्ती के दो बच्चे इल्तिजा मुफ़्ती और इतिका मुफ्ती है। मां की गैर मौजूदगी में उनकी आवाज करकर उभरी। खासकर 2019 के बाद।
आलोचना-
* BJP के साथ गठबन्धन करने पर
* अनुच्छेद 370 पर दिये बयानों पर
* कई बार उनके स्टेटमेंट्स पर
निष्कर्ष:-
महबूबा मुफ्ती एक प्रभावशाली लीडर है। महिला नेता होते हुए उन्होंने कई बाधाओं को पार करके जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व किया। वे कश्मीर मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रही हैं। उनकी भूमिका आगामी दौर में और अधिक महत्वपूर्ण होगी।