भारतीय राजनीति में सहनशीलता, मानवीय दृष्टि और जिम्मेदार शासन की बेजोड़ मिशाल है- सुशील कुमार शिंदे। जो कि एक साधारण परिवार से उठ कर महाराष्ट्र प्रान्त के मुख्यमंत्री बने। केन्द्र में गृहमंत्री बने एवं देश की राजनीति में Compassionate governance and balanced leadership का सिम्बल बने। उनका जीवन बताता है कि लोकतंत्र में सर्वाधिक मजबूत नेतृत्व वही होता है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करे।

सुशील कु‌मार सिंदे का जीवन परिचय

सुशील कु‌मार सिंदे का जन्म महाराष्ट्र प्रान्त के सोलापुर शहर में 04 सितम्बर 1947 को हुआ था। शिक्षा, अनुशासन और आत्म सम्मान को उनका परिवार प्रथम वरीयता देता था।

शिंदे बचपन से ही-

* विनम्र 

* शांत

* संघर्षशील

* मेहनती

* समाज में व्याप्त असमानताओं के प्रति संवेदनशील थे। उनके भीतर social Justice and inclusive development की भावना विकसित हो गयी थी। 

शिक्षा व कैरियर

शिंदे ने सोलापुर से शिक्षा पूरी करने के बाद Law की पढ़ाई की। राजनीति से पहले उन्होंने 

* पुलिस विभाग में नौकरी की 

* वकालत की

यह अनुभव उन्हें Law & order, governance and administration को संभालने में सहायक हुआ।

राजनीति

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर सिंदे ने अपनी राजनैतिक पहचान बनायी। 

* सौम्य व प्रभावशाली 

* आमजन से सीधा जुडाव

* जमीनी समस्याओं की समझ

शनेः-शनेः वे एक जनप्रिय नेता के रुप में उभरे।

मंत्री व संगठन कार्यकर्ता

महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने से पूर्व उन्होंने प्रान्त सरकार में कई पद संभाले। 

* ऊर्जा 

* वित्त 

* गृह 

मंत्री के रूप में कार्यशैली

* त्वरित निर्णय 

* गहराई से फाइलों की समीक्षा 

* Conflict-free politics वे Policy over palitics को वरीयता देते थे। 

मुख्यमंत्री

सुशील कुमार शिंदे 2003 से 2004 तक महाराष्ट्र‌ के पहले दलित मुख्यमंत्री रहे। अल्पअवधि के कार्यकाल में उनका फोकस- 

* प्रशासनिक स्थिरता

* गाँवों में बिजली पानी परियोजनाएँ

* सबको न्याय

* सूखा राहत पर था। 

उनकी governance style

"soft Spoken leadership with social senstivity"

राष्ट्रीय राजनीति 

* Power Minister of India

* Leader of the House Rajya Sabha

* Union Home minister of India जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। 

गृहमंत्री 

* Internal security Coordenation

* इंटेलिजेंट एजेन्सीज के बीच सहयोग

* आंतकवाद से जुड़े मामलों में institutional response पर फोकस किया। 

उनका दृष्टिकोण - security With Constitutional balanes

व्यक्तित्व 

* विनम्र 

* कम बोलने वाले, ज्यादा सुनने वाले

* मानवीय दृष्टि से निर्णय लेने वाले लीडर है। 

उनकी लीडरशिप स्टाइल

"Clom authority with Compassionate governance."

वे संवाद और आपसी सहमति पर भरोसा रखते थे।

विरासत 

* शांति एवं संतुलित प्रशासन

* दलित वंचितों का प्रतिनिधित्व 

* राजनीति में सौम्यता 

* जिम्मेदार गृहमंत्री 

वे याद किए जाते हैं 'a symbol of social mobility, democratic empowerment, and human leadership' के रूप में। 

निष्कर्ष

सिंदे का जीवन ''नेतृत्व का सबसे बड़ा गुण है- समाज की पीड़ा को समझना और उसे हल्के हाथों से संभालना''