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महाराष्ट्र की राजनीति में मराठराव कन्नन ऐसे नेता रहे हैं, जो कि एक शांति प्रिय, कर्मठ और विकास केंद्रित मुख्यमंत्री थे। प्रचार प्रसार से दूर कन्नन वार प्रशासनिक दक्षता से ओत प्रोत, कर्मठता व अनुशासन के लिये जाने जाते हैं। उनकी पहचान spotlight में न रहने बल्कि governence and efficient administration से बनी थी।
मराठराव कन्नन का जीवन परिचय
मराठराव कन्ननवार का जन्म 10 जनवरी 1903 को महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के चन्द्रपुर जिले में हुआ था। साधारण मध्यम परिवार के कन्ननवार-
* नम्र
* अनुशासनप्रिय
* शिक्षित
* परिश्रमी
* समाजसेवी
ग्रामीण एवं अर्द्धशहरी, परिवेश में पले कन्ननवार जन समस्याओं एवं किसानों के संघर्ष से पूरी तरह वाफिक थे।
विचार
कन्ननवार अच्छी शिक्षा प्राप्त करते समय ही सामाजिक कार्यों की ओर उन्मुख हो गए थे। उनकी वैचारिक दिशा - राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि जनता के जीवन में स्थायी सुधार होना चाहिये।
राजनीति में
स्वतंत्रता के बाद कन्ननवार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गये। अतः उन्होंने
* जनता से सम्पर्क
* क्षेत्रीय समस्याओं पर फोकस
* सामाजिक मुद्दों पर ध्यान
* स्थायी, प्रशासन से ताल मेल
* करके लोगों के कार्य करने लगे।
अतः विदर्भ क्षेत्र में वे dependable political leader के रूप में पहचान बनाई।
विधायक एवं मंत्री
कन्ननवार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जाने पर राज्य सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया।
उनकी पहचान-
* शांत किंतु प्रभावी कार्यशैली
* बिना शोर शराबा के कार्य प्रगति
* विकास योजनाओं का क्रियान्वयन
* त्वरित निर्णय
अतः उनका नाम safe and stable choice के रूप में सामने आया।
मुख्यमंत्री
कन्ननवार 1962 में अल्पकाल के लिए चीफ मिनिस्टर बने। उस दौर में महाराष्ट्र में-
* ग्रामीण विकास
* औद्योगिक विस्तार
* स्थिर प्रशासन था। उन्होंने विकास को गति दी।
वे एक (transition-time chief minister के रूप में याद किए जाएंगे।
उपलब्धि
1- बेहतर कानून व्यवस्था
* सरकारी कार्य को गति
* संतुलित प्रशासन
* ब्यूरेक्रेसी डिसीप्लेन को बनाए रखा।
2. उद्योग-धंधे
* छोटे व मझले उद्योगो को गति
* परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर
* रीजनल डवलपमेंट पर ध्यान केन्द्रित किया।
3. विदर्भ क्षेत्र पर फोकस
* चिजली
* सिचाई
* सड़क
* ग्रामीण विकास पर फोकस
4. पारदर्शी शासन
* भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन
* निर्विवाद निर्णय
* जनता का भरोसा जीतना
व्यक्तित्व
* शांत एवं नम्र
* मितभाषी
* कार्य में सटीकता
* नैतिक मूल्य आधार लीडर थे।
उनकी लीडरशिप स्टाइल - "Low profile, high responsibility" थी।
निधन
* मराठराव कन्ननवार का मुख्यमंत्री पद पर रहते हुये। 14 नवम्बर 1963 को निधन हो गया। महाराष्ट्र प्रान्त के लिये यह अपूरणीय क्षति थी।
विरासत-
* शांत नेतृत्व
* विकासशील
* निर्विवाद
* कर्मठ
निष्कर्ष
उनका जीवन सिखाता है, महान नेतृत्व हमेशा शोर नहीं करता, लेकिन उसका प्रभाव लंबे समय तक महसूस किया जाता है।" the silent reformer, the stable chief minister and the disciplined administrator of Maharashtra .