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प्रस्तावना
पं० श्याम सुन्दर शर्मा माँट विधान सभा क्षेत्र के विकास पुरुष कहे जाते हैं। छात्र राजनीति से उठ कर शर्मा जी प्रदेश राजनीति की ओर उन्मुख हुए। विधान सभा क्षेत्र माँट में उनको राजनीति के चाणक्य की संज्ञा दी जाती है। माँट की राजनीति पं० श्याम सुन्दर शर्मा के बिना अधूरी मानी जाती है।
पं० श्याम सुन्दर शर्मा का जीवन परिचय
पं० श्याम सुन्दर शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश प्रान्त के मथुरा जिले के अन्तर्गत नौहझील ब्लॉक के पचहरा ग्राम में हुआ था। उनके पिता पं० लोकमणि शर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जोकि स्वतंत्र भारत में माँट विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से जुड़कर विधायक भी रहे थे। उनके पिता विधायक होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष, मथुरा भी रहे हैं।
पं० श्याम सुन्दर शर्मा जी की पत्नी श्रीमती सुधा शर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष रही। वे लगातार कई बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती।
श्री शर्मा जी के पुत्र डॉ० ललित शर्मा जिला सहकारी बैंक, मथुरा के अध्यक्ष रहे तथा लगातार दो बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते।
छात्र राजनीति में-
छात्र राजनीति श्याम सुन्दर शर्मा अपने समय के धुरंधर माने जाते थे। छात्र जीवन से ही उनका राजनीति की ओर रुझान हो गया था। दबे, कुचले, दलित, किसान, गरीब छात्र जीवन से ही कोई अपनी समस्यायें लेकर पहुँचता था, तो वह तुरन्त उसका समाधान करते थे।
छात्र राजनीति में-
- अध्यक्ष जिला युवक कांग्रेस, मथुरा
- अध्यक्ष रिफाइनरी वर्कर्स यूनियन, मथुरा के रहे।
राजनैतिक इतिहास
श्याम सुन्दर शर्मा को राजनीति का चाणक्य यूँ ही नहीं कहा जाता है। उनका राजनैतिक सफर बहुत लम्बा है। जोकि निम्नवत है—
वर्ष - राजनैतिक पद - पार्टी
1989-1991 - विधायक - कांग्रेस
1991-1993 - विधायक - कांग्रेस
1993-1996 - विधायक - कांग्रेस
1996-2002 - विधायक - अखिल भारतीय तिवारी कांग्रेस
2002-2007 - विधायक - लोकतांत्रिक कांग्रेस
2007-2012 - विधायक - लोकतांत्रिक कांग्रेस
2012-2017 - विधायक - तृणमूल कांग्रेस
2017-2022 - विधायक - बसपा
2022 - 76000 वोट पाकर अल्पमत से चुनाव हारे - बसपा
राजनैतिक उपलब्धियां
1. वर्ष 1996 से 2003 तक उच्च शिक्षा, खेलकूद, होमगार्ड व युवा कल्याण मंत्री, उ०प्र० सरकार
2. वर्ष 1998 से 2004 तक नेता विधान मण्डल दल, लोकतांत्रिक कांग्रेस
3. वर्ष 2007 से 2012तक विधान सभा, उ०प्र० में एस्टीमेट कमेटी के चेयरमैन
4. वर्ष 2017 से 2022 तक विधान सभा, उ०प्र० में सरकारी आश्वासन समिति के चेयरमैन
5. वर्ष 2017 से 2022 तक विधान सभा, उ०प्र० में अधिष्ठाता मण्डल के सदस्य
6. उत्तर-प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री (प्रदेश अध्यक्ष महावीर प्रसादजी के समय)
7. उत्तर प्रदेश जिला सहकारी संघ लिमिटेड के लगातार 16 वर्ष तक अध्यक्ष
8. उ०प्र० जिला सहकारी बैंक, मथुरा के लगातार दो बार चेयर मैन
चुनौतियां
अपने राजनैतिक जीवन में पं० श्याम सुन्दर शर्मा को विरोधियों की चुनौती का सामना करना पड़ा। लगातार आठ बार विधायक रहने के कारण सारी विरोधी पार्टी एकजुट होकर केवल और केवल श्याम सुन्दर शर्मा के पीछे पड़ गयी किन्तु राजनीति के चाणक्य शर्मा अपने विकास कार्यों के बल पर एवं जनता से सीधे जुड़ाव के कारण लगातार विरोधियों को पटकनी देते रहे। चुनौतियों का डट कर मुकाबला करते रहे।
व्यक्तित्व
- नम्रता
- साहसी
- निडर
- पारदर्शी प्रशासन
- त्वरित निर्णय लेने की क्षमता
- जनता से सीधा जुड़ाव
- जिस व्यक्ति से एक बार मिले हों, दोबारा उस व्यक्ति से मिलने पर नाम तक लेकर उसको पुकारना
- चरित्रवान
जनता का नेता जनता के लिये-
पं० श्याम सुन्दर शर्मा का सबसे बड़ा बल उनकी अपनी जनता ही है। उनके बारे में जनता में एक नारा प्रचलित है -
जात-पात पूछे नहीं, पूछे केवल काम।
ऐसा नेता एक ही है, जाको नाम है श्याम।
जनता जनार्दन के लिये उनके दरवाजे हर समय खुले रहते हैं। शोषित, पीड़ित कभी भी, किसी भी जगह उनसे मिल सकता है और श्याम सुन्दर शर्मा हर समय जनता की सेवा के लिये तत्पर रहते हैं।
विकास कार्य
शर्मा जी ने विधायक और मंत्री रहते क्षेत्र में अनेको विकास कार्य किये है -
- प्राइमरी स्कूलों की स्थापना
- इंटर कॉलेजों की स्थापना
- उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना
- बी.एड. कालेजों की स्थापना
- आडिटोरियम की स्थापना
- रोजगार सृजन
- तकनीकी स्कूलों की स्थापना
- M.B.A, M.C.A संस्थानों की स्थापना
- सड़कों का निर्माण (ग्रामीण)
- बिजली, पानी की उपलब्धता
- किसानों को सुविधापरक योजनायें
कांग्रेस में वापसी
श्याम सुन्दर शर्मा ने अपनी उत्तर प्रदेश राजनीति की शुरुआत कांग्रेसी पार्टी से जुड़ कर शुरू की थी। बाद में वे कांग्रेस पार्टी से अलग हो कर अन्य पार्टियों के साथ रहकर चुनाव लड़े और जीते।
03 अक्टूबर 2026 को उन्होंने फिर से कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया। शर्मा जी सबसे पहले दस जनपथ स्थित राहुल गांधी के आवास पर गये। वहां पर उनका मीटिंग, श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के साथ सम्पन्न हुई।
इसके बाद वे कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली पर पहुंचे वहां पर कांग्रेस महासचिव एवं जम्मू कश्मीर व लद्दाख प्रभारी डॉ० सैयद नसीर हुसैन, राज्य सभा सांसद पवन खेड़ा एवं केन्द्रीय मंत्री राजीव शुक्ला जी की मौजूदगी उपस्थिति में पुनः कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
अपने संबोधन में कांग्रेस कार्यालय से बोलते हुए शर्मा जी ने कहा—
“यह राजनैतिक वापसी नही, बल्कि एक तरह से अपने पुराने परिवार में लौटने जैसा भावुक क्षण है।”
“माँट की जमीन से मेरा गहरा जुड़ाव है।”
“माँट की जनता की सेवा, क्षेत्र का विकास, गरीब और वंचित की आवाज को मजबूती देना तथा अपने लोगों के सम्मान और अधिकारी के लिये हमेशा खड़ा रहूँगा।”
श्याम सुन्दर शर्मा
“जनता का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। मैं खरा उतरूंगा।”
“माँट की जनता के साथ मेरा रिश्ता न कभी बदला है, और न बदलेगा।”
“माँट की मिट्टी से मेरा रिश्ता केवल राजनीति का न होकर भावनाओं, संघर्ष और अटूट विश्वास का है।”
निष्कर्ष
श्याम सुन्दर शर्मा व्यक्तिगत रूप से हर व्यक्ति से संवाद करते हैं/ जनता भी उनको अच्छी तरह चाहती है। वे - “जनता के बीच से, जनता के लिए, जनता के लीडर हैं।”
उनके चरित्र और कार्य-कलापों से युवा पीढ़ी को सीख मिलती है - “अगर विश्वास और कर्मठता से कार्य किया जाये तो व्यक्ति फर्श से अर्श पर पहुँच सकता है।”