कुछ लीडर राष्ट्र‌प्रेम, बलिदान और साहस के कारण इतिहास में अमर हो जाते है। ऐसे लीडर है बींत सिंह जिन्होंने पंजाब को आतंकवाद के अंधकार से निकाल कर शांति, स्थिरता और विकास की राह पर वापिस खड़ा किया। वे पंजाब के मुख्यमंत्री ही नहीं अपितु तत्कालीन Law and order restoration, democratic revival and people-first governance के प्रतीक थे। 

जीवन परिचय-

बेअंत सिंह का जन्म पंजाब प्रान्त के लुधियाना जिले में एक साधारण परिवार, देशभक्ती से ओत-प्रोत, ग्रामीण परिवेश में 19 जनवरी 1922 को हुआ था। बचपन से ही उनमें -

* नम्रता

* सादगी

* देशभक्ति

* साहस

* समाज सेवा

शिक्षा:-

बेअंत सिंह ने अपनी प्रारम्भिक और उच्च शिक्षा पंजाब से ही प्राप्त की थी। शुरू से ही वह नौकरी की ओर आकर्षित न होकर Public life में बदलाव लाने का सपना देखते थे। 

राजनीति में

वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुडकर राजनीति करने लगे। उन्होने:-

किसानों की समस्याएं 

स्थानीय प्रशासन 

ग्रामीण विकास

सामाजिक न्याय

पर कार्य किये। वे एक Pearless, grassroot लीडर की छवि के रहे और नेशनल इंडियन कांग्रेस के प्रमुख चेहरा बने। 

बेअंत सिंह 1992 से 1935 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। इस समय पंजाब-

* आतंकवाद से ग्रसित था 

* आम नागरिक भयभीत था

* लोकतंत्र व्यवस्था चरमरा गयी थी

* सरकारें अस्थिर थीं 

ऐसे में सत्ता संभालते ही उन्होंने कहा- राज्य में फिर से कानून का राज्य स्थापित करना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

आतंकवाद के विरुद्ध बिगुल-

उनका एकमात्र लक्ष्य- पंजाब को आतंकवाद मुक्त करना 

1. सख्त किन्तु न्यायपूर्ण नीति 

* Police Reform

* Zero tolerance policy

* Intelligence policy सख्ती से लागू की। 

2. आभ जनता का विश्वास बहाल-

* आम जन की सुरक्षा पर फोकस

* शासन से अपराधियों में भव्य सरकार भय से सुकी नहीं।

अतः शांति लौटने लगी।

3. लोकतंत्र की बहाली

उनके कार्यकाल में

* स्वतंत्र रूप से चुनाव हुये।

* मजबूत सिविल एडमिनिस्ट्रेशन|

* फिर से सक्रिय डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूसंस

अतः उन्हें Restorer of democracy in Panjab कहा जाता है।

4. विकास एवं पुन‌निर्माण-

उन्होने आतंकवाद पर नियंत्रण के गद पंजाब डवलपमेंट मॉडल की नीव रखी

* स्कूल

* कॉलेज

* ग्रामीण इन्फ्रास्टक्चर

* बिजली, पानी की व्यवस्था

कृषि व उद्योग का पुन‌र्जीवन

उनका लक्ष्य "शांति तभी टिकेगी जब विकास साथ चले।"

व्यक्तित्व:-

बेअंत सिंह 

* स्पष्टवादी 

* निडर

* साहसी 

* त्वरित निर्णय क्षमता 

* राष्ट्रवाद सर्वोपरि 

उनकी लीडरशिप स्टाइल - Firm decision, fearless administration and people centric governence" थी। 

सर्वोच्च बालदान -

सरदार बेअंत सिंह 1 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में एक आत्मघाती हमले में वीरगति को प्राप्त हुये। उनकी शहादत ने भी देश को संदेश दिया- भारत का लोकतंत्र आतंक के आगे कभी नही झुकेगा।"

राष्ट्रीय सम्मान-

मरणोपरान्त -

* राष्ट्रीय नायक का दर्जा

* लोकतंत्र प्रहरी

* पंजाब शांति पुन निर्माता,

* आतंकवाद विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक

उनके नाम पर -

* सड़कें

* स्मारक

* संस्थान

पुलिस अकादमियां स्थापित की की गयी।" 

निष्कर्ष:-

उन्हें जाना जाता है - "जब राष्ट्र संकट में हो, तब नेता को अपनी जान से भी बडा देश मानना चाहिये।" वे याद किये जाएंगे - the fearless reformer, the restorer of peace and the martyr of Indian democracy. के रूप में।