पंजाब राजनीति के एक संतुलन और समाधान का रास्ता बनाने वाले थे सुरजीत सिंह बरनाला। एक अनुभवी प्रशासक, संवेदनशील राजनेता एवं संकट के वक्त constitutional discipline बनाये रखने वाले मुख्यमंत्री। कठिन दौर में भी जिन्होंने शांति एवं संवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों को तरजीह दी।

जीवन परिचय-

सुरजीत सिंह बरनाला का जन्म पंजाब प्रान्त के बरनाला क्षेत्र के साधारण किसान परिवार में 15 मार्च 1925 को हुआ था। बाल्यकाल से ही-

* नम्रता 

* सादगी

* आत्मसम्मान

* सामाजिक उत्तरदायित्व 

से ओत प्रोत थे। जो कि आगे चलकर राजनीति की नींव बने। 

शिक्षा-

अच्छी शिक्षा प्राप्त करने वाले बरनाला की शुरू से ही कानून, प्रशासन और सार्वजनिक नीतियों में गहरी रूचि थी। उनकी योग्यता ने उन्हें Policy-oriented leader बनाया। 

राजनीति में

बरनाला ने जनता के बीच रहकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। जनता की छोटी-छोटी समस्याओं- जमीन, सिंचाई और रोजगार को सुलझाते-सुलझाते वे जनता के बीच लोकप्रिय होते चले गये। 

मुख्यमंत्री-

पंजाब में आतंकवाद, अस्थिरता अपने पैर पसार रही थी। ऐसे समय में 1985 में बरनाला ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। उनका कार्यकाल -

* संयम

* संवेदनशीलता

* संवाद आधारित शासन

का Example था।

उपलब्धियां

1- कानून व्यवस्था व शांति पर फोकस

उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- 'राज्य में शांति बहाल करना।

उन्होंने-

* प्रशासनिक संतुलन

* अनावश्यक टकराव से बचाव

* संवाद आधारित सुरक्षानीति अपना कार हालातों पर

काबू पाया।

2- संवैधानिक म‌र्यादाओं का पालन-

* Power politics से दूर

* Constitutional limits के अन्दर

* democratic ethics के अनरूप शासन चलाया।

3- सामाजिक पुननिर्माण पर फोकस -

वे मानते थे कि केवल पुलिस कार्यवाही से ही नही बल्कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिरता से ही स्थायी शांति आ सकती है।

4- राज्य और केन्द्र में संतुलन

बरनाला ने Fedral balance बनाये रखने हेतु न पूरी तरह टकराव, ना पूरी तरह समर्पण किया dignified Political Coordination का रास्ता अपनाया।

राज्यपाल-बरनाला को कई राज्यों का गवर्नर बनाया गया। राज्यपाल के रूप में

* शांत निर्णय क्षमता

* राजनैतिक निष्पक्षता

* Neutral Constitutional authority

* disciplined administrater

संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया।

व्यक्तित्व-

* नम्र 

* शांत

* सरल

* मर्यादित

आत्मसंयमी लीडर थे। उनकी लीडरशिप स्टाइल "Less noise, more balance अर्थात कम शोर, अधिक विकास की थी।

निधन

सुरजीत सिंह बरनाला का निधन 29 दिसम्बर 2017 को हुआ। उनकी पहचान

* एक संकटकालीन मुख्यमंत्री

* मर्यादित राजनेता

* संवेधानिक प्रशासक

* शांति की राजनीति का समर्थक की थी। 

राजनीति में वे एक-balanced, dignified and Peace-oriented leader के रूप में थे।

निष्कर्ष:-

बरनाला का जीवन "राजनीति का सबसे ऊँचा रूप शोर नहीं, संतुलन है।" सिखाता है। 

वे याद किए जायेंगे the Calm constitutional leader, the crisis-time administrator and peace-first politician के रूप में।