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वसंतराव नायक महाराष्ट्र प्रान्त के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने राज्य की कृषि, सहकारिता और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नयी दिशा दी। उन्हें महाराष्ट्र का Green Revolution का जनक और farmer Centric governance के रूप में याद किया जाता है।
वसंतराव नायक जीवन परिचय-
नायक का जन्म महाराष्ट्र प्रान्त के एक साधारण किसान परिवार यवतमाल जिले में एक साधारण किसान परिवार में 01 जुलाई 1913 को हुआ था। उन्होंने-
* सूखा
* किसान असुरक्षा
* कृषि की जानोश्चतता
को नजदीक से देखा।
स्वतंत्रता संग्राम
वे स्वतंत्रता आन्दोलन में कूद पड़े। उन्होंने -महात्मा गाँधी से प्रभावित होकर
* सत्याग्रह
* असहयोग आन्दोलन
* जन-जागरुकता अभियानो
में भाग लेकर ब्रिटिश सरकार का विरोध किया। जेल भी गये। इस सबने उन्हें disciplined, Fearless और people oriented leader बनाया।
राजनीति में-
स्वतंत्रता के बाद वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हुए।
* किसान
* मजदूर
* ग्रामीण समाज
की आवाज बनकर उभरे। उनकी राजनीति का आधार - Service, Simplicity and sincerity था।
मुख्यमंत्री-
वसंतराव नायक लगातार 1963 से 1975 तक 12 वर्षो तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। महाराष्ट्र में उन्हें Green Revolution का architec कहा जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में। Stability, policy continuity and rural transformation की अवधारण स्थापित की।
उपलब्धि
1- हरितक्रान्ति-
महाराष्ट्र में उन्हें Green Revolution का architect ऐसे ही नही कहा जाता है। उन्होंने
* उर्वरक
* उन्नत बीज
* सिचाई योजना
* कृषि तकनीकी
को गाँव-गाँव पहुंचाकर महाराष्ट्र की agricultural productivity में वृद्धि की।
2- सहकारी आन्दोलन-
उन्होंने
* सहकारी संस्थाएँ
* दुग्ध संघ
* सहकारी बैंक
महाराष्ट्र का Cooperative structure उन्ही की योजना का प्रतिफल है। ग्रामीण इंफ्रास्ट्रेक्चर और सिंचाई
उन्होंने-
* नहरें
* बाँध
* ग्रामीण सड़कें
* विघुत व जल आपूर्ति को जीवन रेखा दी।
हरित पट्टी-
इसके अंतर्गत उन्होंने
* वृक्षारोपण
* जल संरक्षण
* मृदा संरक्षण
करके Green belt policy शुरू की।
व्यक्तित्व-
* नम्र
* सादगी पूर्ण
* शांत
* किसान पुत्र
* कर्मठ
* दूरदर्शी
उनकी लीडरशिप स्टाइल- वे "Farmer - First governance with long-term vision"/ & Policy-based development में विश्वास रखते थे।
राजनैतिक चुनौती-
* सूखा
* आर्थिक दबाब
* राजनैतिक संकट
* खाद्य संकट
इमरजेंसी के बाद धीरे-धीरे वे राजनीति से दूर हो गए।
निधन-
वसंतराव नायक का निधन 18 अगस्त 1979 को हो गया था। किन्तु उनके कार्यों को आज भी याद किया जाता है।
विरासत-
* सहकारी बैंकिग
* सिंचाई परियोजनायें
* ग्रामीण विकास मॉडल
* कृषि नीति
उन्हें महाराष्ट्र का किसान मुख्यमंत्री कहा जाता है।
निष्कर्ष-
उनका जीवन संदेश देता है- "अगर नेता गाँव को समझता हो, तो पूरा राज्य संभल सकता है। उन्होंने इण्डस्ट्रियल स्टेट ही नहीं बनाया बल्कि कृषि एवं ग्रामीण शक्ति को मजबूत किया। वे याद किये जाएंगे - the longest-Serving Chief Minister, the architect of agricultural transformation and the true farmer's leader of Maharashtra के रूप में।