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शंकर राव चव्हाण राजनीति के एक दूरदर्शी, प्रभावशाली और शांत लीडर थे। वे दो बार महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री, भारत सरकार के गृहमंत्री बने। देश की राजनीति में Stability and discipline के प्रतीक रहे।
शंकरराव चव्हाण का जीवन परिचय
शंकरराव चव्हाण का जन्म 14 जुलाई 1920 को महाराष्ट्र के नांदेड जिले में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। वे जीवनभर गरीबों, किसानों, पिछडों के हिमायती रहे।
शंकरराव चव्हाण की शिक्षा
चव्हाण ने कानून की शिक्षा प्राप्त की थी। शुरू से ही वे महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर एवं कांग्रेस की समाजवादी विचारधारा से प्रभावित रहे थे। उनका विश्वास था- राजनीति का उद्देश्य शक्ति नहीं, समाज में संतुलन और न्याय स्थापित करना होना चाहिये।"
स्वतंत्रता आन्दोलन- आन्दोलन के अन्तिम
आंदोलन के अंतिम चरण में चव्हाण, सक्रिय हुये। वे कांग्रेस के जनजागरुकता संगठन, ब्रिटिश सरकार के आंदोलन में शामिल हुये।
राजनीति में
स्वतंत्र भारत में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर, ग्राम स्तर से जिला परिषद और राज्य राजनीति के ऐसे लीडर बने जो Low Profile High Efficiency में विश्वास रखता हो।
मुख्यमंत्री
आपातकाल के दौर में चव्हाण 'महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री बने। ऐसे में उन्होंने प्रशासनिक स्थिरता, कानून व्यवस्था और सरकारी तंत्र की निरंतरता बनाए रखी।
प्रथम कार्यकाल
1975 से 1977 तक आपात काल के दौरान उनका कार्यकाल रहा।
द्वितीय कार्यकाल
उनका दूसरा कार्यकाल 1986 से 1988 तक का रहा। ऐसे में उन्होंने बिजली, पानी, सड़क पर अपना फोकस किया। यह कार्यकाल Comparatively Comparative development-Oriented governance के लिये जाना जाता है।
योगदान -
* कृषि विकास में सिंचाई, सड़क, कृषि ऋण, बिजली आपूर्ति पर फोकस रहा।
* शिक्षा व पिछडे वर्ग के लिये सरकारी स्कूल छात्रवृत्ति, सोशल जस्टिस पोलिसीज को मजबूती दी।
* प्रशासनिक अनुशासन में उन्होने भ्रष्ट्राचार मुक्त प्रशासन, ब्यूरोक्रेटिक डिसीपलेन पर ध्यान दिया।
केन्द्रीय राजनीति में उनकी लीडर शिप स्टाइल "decisions with depth, not noise" थी। निर्विवाद Policy based governance and institutional Stability में विश्वास रखते थे। वे भारत सरकार में Defence Minister - of India, Home Minister of India, Finance Minister of India रहे। गृहमंत्री रहते उन्होंने आंतकवाद पर नियंत्रण केन्द्र और राज्यों के बीच संतुलन और national Law & Order Framework को मजबूती दी।
निधन
चव्हाण का निधन 26 फरवरी 2004 को हुआ था। कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप कल्चर में उन्हें आज भी याद किया जाता है। वे याद किये जाते हैं - a Calm Chief minister, a strong Home Minister, and a disciplined Constitutional leader के रूप में।