हरियाणा प्रान्त के राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में बनारसी दास गुप्ता ने simplicity, honesty और public service में एक अलग ही पहचान बनाई थी। वे एक राजनीतिज्ञ ही नहीं, अपितु समाज सुधारक, ग्रास रुट्स लीडर और जनता के आदर्श थे।

बनारसी दास गुप्ता का जीवन परिचय

बनारसी दास गुप्ता का जन्म गुरुग्राम जिले के हांसी रोड जो की अब महेन्द्र गण क्षेत्र है, 5 नवंम्बर 1917 को हुआ था वे एक वैश्य परिवार मे जन्मे थे बचपन से ही उनमे लीडर शिप और समाज सुधार की भावना कूट -कूट कर भरी थी

बनारसी दास गुप्ता की शिक्षा

बनारसी दास गुप्ता ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा स्थानीय स्कूलों से पूरी की पढ़ाई के समय से ही वे समाज सेवा और स्वतंत्रता की भावना से ओत प्रोत थे

स्वतंत्रता आन्दोलन

तरुण अवस्था में बनारसी दास गुप्ता ने महात्मा गाँधी, भगत सिंह और स्वतंत्रता सैनिको से प्रभावित होकर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलनों में हिस्सा लिया ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया यही संघर्ष में अनुभव उनके राजनीति का आधार बना उनका मानना था - "राजनीति सेवा के बिना अर्थहीन है " 

शुरूआती राजनीति

आजादी के बाद उन्होंने हरियाणा में पंचायत और नगर पालिका की राजनीति कर जनसेवा की उनकी ईमानदारी, पारदर्शिता और जनता में सीधे लगाव के कारण हरियाणा की राजनीति में एक मजबूत पकड़ बनायी

मुख्यमंत्री के रूप में

बनारसी दास गुप्ता हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री बने उनका कार्यकाल 1975 से 1977 तक और 1990 से 1991 तक रहा अपने इस अल्प कार्यकाल में जनता को एक स्वच्छ प्रशासन और त्वरित न्याय दिया जिससे उनकी लोकप्रियता में चार चाँद लगे 

प्रमुख विकास कार्य

* गरीब किसान और छोटे व्यापारियों के लिए वेलफेयर स्कीम्स चलायी 

* ग्रामीण सड़के बिजली पानी को मजबूत आधार प्रदान किया 

* शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कर लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया 

* स्कूल और कॉलेजों की स्थापना कराई 

* समाज में नशा मुक्ति की मोहिम चलायी 

* सामाजिक समानता का समर्थन किया 

एक समाज सुधारक

बनारसी दास गुप्ता की पहचान एक राजनीतिज्ञ के अलावा समाज सुधारक की बनी थी समाज में व्याप्त बुराइयों के बेपुरजोर विरोधी थे

व्यक्तित्व

* शांत सौम्य और सरल नेता 

* सेवा में दिखावट नही 

* साफ सुथरी राजनीतिज्ञ 

* ज़मीन से जुड़े लीडर 

* सादा लाइफ स्टाइल 

निधन

बनारसी दास गुप्ता का निधन 29 अगस्त 2007 को हुआ था लेकिन आज भी उनका जीवन राजनैतिक छात्र समाज सुधारकों के लिए एक उदाहरण है हरियाणा के विकास में चर्चा होने पर उनका नाम गर्व से लिया जाता है

निष्कर्ष

बनरसी दास गुप्ता एक साधारण परिवार से उठकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे उनका जीवन हमें स्पष्ट सन्देश देता है कि बढ़ा नेता वही है जो जनता का और जनता के लिये हो उनका राजनैतिक सफर याद दिलाता है कि - real politics begins where humanity stars.