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भारत की राजनीति में साधारण परिवार में जन्मे, पले- बढ़े व्यक्ति भी अपनी कर्मठता और संघर्ष के बूते पर राजनीति की ऊंचाईयों को छुआ है। उन्ही में से एक है साहिब सिंह वर्मा जो अपने कार्यों के बल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री बने फिर राष्ट्रीय राजनीति में राष्ट्रीय नेता बने।
साहिब सिंह वर्मा का जीवन परिचय
साहिब सिंह वर्मा का जन्म दिल्ली के नागलोई में 15 मार्च 1943 को हुआ था। किसान परिवार में जन्मे वर्मा अपने कार्यों, सिद्धान्तों एवं जनता से लगाव के कारण जनमानस में लोक प्रिय हो गये थे।
साहिब सिंह वर्मा की शिक्षा
उनकी पूरी शिक्षा दिल्ली में ही हुई थी। छात्र जीवन से हीं उन्होंने सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। उनका मानना था "Service to people is the real purpose of the politics"
राजनैतिक सफर
वर्मा ने अपना राजनैतिक सफर BJP से शुरु किया। शुरुआत में वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। शांत, सरल वर्मा अपने व्यवहार के कारण संगठन में लोकप्रिय हो गये।
मुख्यमंत्री
सन् 1996 में वर्मा दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। अपने कार्यकाल में उन्होंने दिल्ली को एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित राजधानी बनाने की दिशा में कार्य किए।
दिल्ली के लिये योगदान
* शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया।
* निम्न आय वर्ग और श्रमिकों के उज्जवल भविष्य के लिए नीतियां बनायी।
* सड़क एवं परिवहन में सुधार किए।
* मूलभूत आवश्यकता विजली, पानी की उपलब्धता में सुधार किए।
राष्ट्रीय राजनीतिज्ञ
मुख्यमंत्री पद से निवृत होने के बाद वे केन्द्रीय श्रम मंत्री बने। वहाँ उन्होंने श्रमिक कल्याण योजनाएँ, उद्योग और मजदूर सुरक्षा पर कार्य किया। उनकी कार्य योजना ने उन्हें एक जिम्मेदार राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित किया। वे राजनीति को जनता की आवाज मानते थे न कि सत्ता सुख भोगने की चाबी।
निधन
सन् 2007 में एक सड़क दुर्घटना में उनका दुखद निधन हो गया। राष्ट्रीय राजनीति में उनके जाने से एक रिक्तता महसूस की गयी।
निष्कर्ष
एक साधारण व्यक्ति अपने संघर्ष कर्मठता और वाक पढूता के आधार पर ऊँचाईयों को छू सकता है। वर्मा जी की कार्य शैली से यह सिद्ध होता।