पंजाब राजनीति में जब-जब महिला नेतृत्व, संघर्ष और दृण संकल्प की बात आती है, तो राजिंदर कौर भट्टल का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है। उनका जीवन सिद्ध करता है कि राजनीति में नेतृत्व का तात्पर्य सत्ता ही नहीं अपितु दबे, कुचले, महिलाओं और किसानों की आवाज उठाना भी होता है। 

राजिंदर कौर भट्टल का जीवन परिचय

राजिंदर कौर भट्टल का जन्म 14 सितम्बर 1946 को पंजाब के पटियाला जिले में एक साधारण सिख किसान परिवार में हुआ था। 

वह बचपन से ही-

* साहसी

* निर्भीक 

* स्पष्ट सोच 

* सामाजिक अन्याय के प्रति संवेदनशील रही।

राजिंदर कौर भट्टल की शिक्षा

भट्‌टल ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पंजाब से ही पूरी की थी। किसान परिवार से आने के कारण उनको- 

* खेती

* मजदूर

* भूमि 

* किसान श्रमिकों

ग्रामीणों की महिलाओं की समस्याओं की पूरी समझ थी। यहीं उनके राजनीति में आने का कारण बना। 

राजनीति में -

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर उन्होने राजनीति में अपनी पहचान बनायी। -

* किसानों के मुद्दे को उठाना

* गाँव-गाँव जनता से संपर्क 

* स्थानीय प्रशासन से सीधा संवाद 

* महिला अधिकारी के प्रति जागरुकता उनकी जनता में लोकप्रियता Field-based leadership and ground Connect से बनी थी।

विधायक, फिर उप मुख्यमंत्री

राजिंदर कौर भट्टल पंजाब विधान सभा से कई बार विधायक चुनी गयी।

विधानसभा में उन्होने-

* ग्रामीण विकास

* महिलाओं

* किसानों

* सामाजिक न्याय के लिये आवाज उठायी। 

बाद में वे पंजाब की Deputy Chief Minister of Punjab बनीं। उन्हें राज्य की strong woman Power icon कहा जाता है।

पहली महिला मुख्यमंत्री

राजिन्दर कौर भट्टल पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। उस दौर में जब-

* पंजाब राजनीति अस्थिर थी।

* आतंकवाद के बाद का संक्रमण दौर 

* संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता थी।

नेतृत्व की विशेषताएँ

महिला सशक्तीकरण

* शिक्षा

* स्वास्थय

* सामाजिक सुरक्षा 

उनके कार्यकाल में Women-centric goverence का विचार मजबूत हुआ। 

किसान और ग्रामीण मुद्दे 

* सिंचाई

* मण्डी व्यवस्था 

* ग्रामीण रोजगार

* कृषि आपदा

पर फोकस रहता है। 

संवैधानिक मर्यादा-

"उनका Power Politics से ज्यादा constitutional dignity democratic balance में विश्वास था। dignity and democratic balance में विश्वास था।  

व्यक्तित्व

* निडर

* आत्म विश्वासी

* संघर्षशील

* स्पष्ट वक्ता

* जनता से जुड़ाव रहा। 

उनकी लीडरशिप

स्टाइल - "Bold voice + Compassionate governance" रही।

विरासत

उन्होंने-

* महिला नेतृत्व को स्थायी पहचान

* कठिन परिस्थिति में मज़बूत नेतृत्व 

* सिद्द किया कि सत्ता पर पुरुषों का एकाधिकार नहीं

* राजनीति में महिलाओं के लिए नयी राह 

राजनीति में उन्हें  First woman power symbol of the state के रूप में याद किया जाता है। 

भट्टल का जीवन संदेश देता है कि - सच्चा नेतृत्व वही है, जो बाधाओं को सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ता है।

वे याद की जायेंगी - the first women chief Minister of punjab, the fearless leader and the voice of women's strength in Indian politics के रूप में।