हरियाणा प्रान्त में भजन लाल को राजनीति का चाणक्य यूं ही नहीं कहा जाता है। वे प्रशासन के (मास्टर मैनेजर' और जनता का 'विश्वसनीय चेहरा' थे। सत्ता को स्थिर, संगठित और परिणाम-केंद्रित करने की उनमें अद्भुत क्षमता थी। अपने दम पर वह हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे थे।

भजन लाल का जीवन परिचय

भजनलाल का जन्म 6 अक्टूबर 1930 को वहावलपुर (जो अब पाकिस्तान में है) हुआ था। विस्थापन का दंश झेलते हुए उनका परिवार हरियाणा में आकर बस गया। यहाँ उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत व्यापार से की थी।

राजनैतिक शुरुआत

उन्होंने राजनीति की शुरुआत नगर निकाय और जिला परिषद से की थी। उन्होंने राजनीति में अपनी अलग ही पहचान बनायी। क्योकि -

* हर व्यक्ति को वे ब्यक्तिगत रुप से पहचानते थे।

* प्रत्येक वर्ग से व्यक्तिगत रिश्ते बनाते थे।

* हर इलाके की समस्या से रुबरु थे।

* जनता के बीच उनकी लोकप्रियता थी।

हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री 

भजन लाल 1949 से 1980, 1980 से 1986 व 1991 से 1996 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। उनकी नीति थी - "विकास तभी टिकता है जब प्रशासन मजबूत हो और जनता जुड़ी रहे।"

उपलब्धियाँ

1. ग्रामीण एवं कृषि सुधार

* ग्रामीण सड़कों का सुधार

* स्कूल, स्वास्थय केन्द्र और सामुदायिक भवन

* सिंचाई व्यवस्था का सुधार

बिजली व्यवस्था में सुधार

उनका मानना था - "हरियाणा की मजबूती गाँवों से आयेगी।"

2. उद्योग प्रोत्साहन

उनके समय में हरियाणा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट के लिये आकर्षण का केन्द्र था। उन्होंने प्रान्त को बिजनेस फ्रेंडली बनाया।

3. मजबूत प्रशासनिक संरचना

प्रशासन -

* पारदर्शितापूर्ण

* प्रभावी

* तेज

* राजनैतिक हस्तक्षेप मुक्त

* जबाबदेही

4. भूमि नीति और शहरी विकास

* गुरुग्राम, पंचकूला, फरीदाबाद का विस्तार

* भूमि विकास नीति तेज हुई।

हरियाणा Urbanisation map पर चमकने लगा

राजनैतिक रणनीति

* मजबूत नेटवर्क

* राजनैतिक, सभीकरण समझने में माहिर

* Decision-making practical and Sharply Calculated होती थी।

* चुनावी रणनीति unmatched Command रखते थे।

यही पावर उन्हें राजनीति का key power centre बनाती थी।

केन्द्र में योगदान

उन्होंने केन्द्र सरकार में Union minister for Environment & forests के रूप में कार्य किया। उन्होंने Policy-based governance, forest protection and environmental reforms में प्रशासनिक दक्षता दिखायी।

व्यक्तित्व

* दूढ किन्तु विनम्र

* प्रभावशाली किन्तु सरल

* जनता से सीधा जुड़ाव

* स्पष्ट निर्णय परन्तु तेज

* सादगी पूर्ण

उनकी style थी- "सत्ता सेवा के लिये है, दिखावे के लिए नहीं।"

निधन

भजनलाल का निधन 03 जून 2011 को हुआ था, जो देश के लिए अपूरणीय क्षति थी।

विरासत

* एक स्थिर शासन

* जनता से सीधा जुडाव

* हरियाणा के विकास की नींव

* Practical politics

निष्कर्ष

भजनलाल के जीवन से सीख मिलती है कि -

मजबूत नेता वह है जो जनता का विश्वास जीतता है, न कि केवल सत्ता की कुर्सी।"

वे आज भी याद किये जाते हैं-

The political architect of modern Haryana, the master strategist, and a true people's