भारत के हरियाणा राज्य का विकास पुरुष बंसी लाल को कहा जाये तो यह अतिश्योक्ति नही होगा। उन्हें "आधुनिक हरियाणा का आर्किटेक्ट" यूँ ही नहीं कहा जाता है। उन्हें "डेवलपमेंट ओरिएंटेड लीडर" और "सिस्टम बदलने वाले सुधारक' की संज्ञा दी जाती है। क्योंकि उन्होंने हरियाणा को औद्योगिक हब बनाया।
बंसी लाल का जीवन परिचय
बंसी लाल का जन्म भिवानी जिले के गोलागढ़ गाँव में 26 अगस्त 1927 को हुआ था। साधारण किसान परिवार में जन्मे बंसी लाल में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और जन सेवी भावना बचपन से ही थी।
बंसी लाल की शिक्षा
उन्होंने अपनी शिक्षा भिवानी में और पंजाब विश्वविद्यालय में पूरी की। उन्होंने History governance और सोशल रिफॉर्म्स जैसे विषयों में रुचि ली, जिसने उनके राजनैतिक दृष्टिकोण को दिशा दी।
स्वतंत्रता संग्राम
बिटिश शासन के खिलाफ, महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रा आन्दोलनों में भाग लिया। उनके लिए राजनीति शक्ति का साधन न होकर राष्ट्र निर्माण थी।
राजनीति की शुरुआत
स्वतंत्र भारत में वे पंचायत और स्थानीय निकायों से जुड़े। 1952 में वे पहली बार विधायक चुने गए। यही से उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई।
हरियाणा के मुख्य मंत्री के रूप में
वे तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री चुने गए। उनका प्रथम कार्य काल 1968 से 1975, द्वितीय कार्यकाल 1985 से 1987, तृतीय कार्यकाल 1996 से 1999 तक का रहा। उनके इन कार्यकालों को हरियाणा का स्वर्णिम काल कहा जाता है।
"Builder of modern Haryana"
* शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता
* पक्की सडके और ग्रामीण कनेक्टीविटी
* बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ
* गरीब, किसान, छोटे ब्यापारी हित में नीति
* वैज्ञानिक सोच आधारित ट्रासपोर्ट नेटवर्क
* इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट, इंडस्ट्रियल जोन उनका मत था -
"विकास ही स्थायी राजनीति की पहचान है।"
राष्ट्रीय राजनीति
बंसी लाल केन्द्र सरकार में डिफेंस मिनिस्टर, रेलवे मिनिस्टर और इन्फॉर्मेशन ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर रहे। रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने सेना का आधुनिकी करण किया था।
हरियाणा विकास पार्टी
सन 1996 में उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी की स्थापना की। इससे प्रदेश की राजनीति को एक नया विकल्प मिला।
व्यक्तित्व
* विकास केन्द्रित प्रशासक
* अनुशासित और ईमानदार
* जनता से सीधा संवाद
* त्वरित निर्णय लेने वाले
* सच्चे ग्रासरूट लीडर
निधन
बंसी लाल का 28 मार्च 2006 को निधन हो गया। देश के लिए यह एक अपूरणीय क्षती थी।
निष्कर्ष
बंसी लाल एक-डवलपमेंट मेकर, प्रैक्टिकल एडमिनिस्ट्रेटर और सच्चे जनता के नेता के रूप में हमेशा याद किये जायेगे।