हरचरण सिंह बराड़ एक ऐसे लीडर जिन्होंने पंजाब राजनीति में शांत, सिद्धान्तवादी और संतुलित रास्ते को चुना। ऐसे मुख्यमंत्री जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का दामन नहीं छोड़ा।

उनका नेतृत्व stability, dialogue and constitutional discipline का प्रतीक बना।

हरचरण सिंह बराड़ का जीवन परिचय 

हर चरण सिंह बराड़ का जन्म पंजाब में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। 

बचपन से ही-

* सादगी

* अनुशासन

* आत्म सम्मान 

जैसे गुणों से ओत प्रोत बराड़ ने सामाजिक असमानताओं की ओर ध्यान केंद्रित किया। 

हरचरण सिंह बराड़ की शिक्षा

उन्होंने अपनी शिक्षा पंजाब से ही पूरी की थी। पढ़ते समय ही उन्होंने माना कि राजनीति सिर्फ सत्ता का साधन ही नहीं अपितु public Service and Social balance का माध्यम है। 

राजनीति में-

बराड ने राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से शुरु की। किसानों की समस्याओं स्थानीय प्रशासन से संवाद, लोगों के अधिकारों की आवाज वे उठाते थे। उनकी ताकत- 

* स्पष्ट संवाद

* जन सम्पर्क

* जमीन से जुड़कर राजनीति थी। 

पंजाब राजनीति में -

वे Max-Lander oriented leader के रूप मे जाने जाते थे। बराड 1996 से 1997 तक पंजाब के मुख्यमंत्री बने। उस समय  

* पंजाब में आतंकवाद के बाद का दौर था

* राजनीति अस्थिर थी 

* जनता का भरोसा जीतना था

उनके इस अल्पअवधि कार्यकाल‌ को Trasitional ability Phase के रूप में देखा जाता है।

उपलब्धियां

प्रशासनिक निरंतरता और संतुलन 

* सरकार की निरंतरता बनाना

* निर्वाध प्रशासन

* निर्वाध सरकारी कामकाज

शांति और संतुलन-

* सामाजिक ताना बाना

* Communal harmony

* trust-building measures

पर फोकस किया। 

लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा-

बराड राज‌नैतिक शक्ति से ज्यादा Constitutional governance and democratic ethics में भरोसा रखते थे। 

कृषि व ग्रामीण मुद्दे 

* ग्रामीण इंफ्रास्ट्रचर 

* सिंचाई 

* कृषि समस्या 

* रोजगार पर फोकस 

व्यक्तित्व 

* नम्र 

* मितभाषी 

* शांत 

* विचारशील 

* तार्किक 

उनकी लीडरशिप स्टाइल "Low Aggression high responsibility" थी। 

राजनैतिक चुनौती -

* सत्ता की बजाय संतुलन को चुनना 

* टकराव की बजाय सहमति 

* संवैधानिक मूल्यों की रक्षा 

पंजाब राजनीति में वे एक Soft spoken, dignified and principal based leader के रूप में थे। 

निष्कर्ष

बराड़ का जीवन सिखाता है :- हर नेतृत्व ऊँची अवाज से नहीं, शांत विवेक से भी प्रभावशाली हो सकता है। वे याद किये जाएंगे:- The Clam Constitutional Chief minister, the balanced reformer and the voice of soft politics in Punjab के रूप में।