प्रताप सिह कैरों को आधुनिक पंजाब का निर्माता ऐसे ही नही कहा जाता है। वास्तव में वे एक दूरदर्शी और आधुनिक सोच के लीडर थे। कैरों पंजाब के प्लानर, राष्ट्रनिर्माता और development-oriented administrator थे। उन्हें पंजाब प्रान्त का 'मॉडर्न आर्किटेक्ट' कहा जाता है।
प्रताप सिंह कैरों का जीवन परिचय
कैरों का जन्म पंजाब प्रान्त के अमृतसर जिले के कजला गाँव में हुआ था। उनका जन्म 01 अक्टूबर 1901 को हुआ था। कम उम्र में ही वह sharp, intellect, discipline और लीडरशिप स्किल्स दिखाते थे।
प्रताप सिंह कैरों की शिक्षा
उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा पंजाब से प्राप्त की थी। उच्च शिक्षा के लिए वे इंग्लैंड और अमेरिका गए थे। यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका से उन्होंने sociology की पढ़ाई पूरी की। इसी पढ़ाई ने उनकी सोच को साइंटिफिक, मॉडर्न एंड डेवलपमेंट-ओरिएंटेड बनाया। उनकी नीतियों में पश्चिमी कल्चर की झलक दिखती थी।
स्वतंत्रता आंदोलन
विदेश से शिक्षा ग्रहण करने के बाद जब वो भारत लौटे तो भारत में स्वतंत्रता आन्दोलन चल रहा था। वे इस आन्दोलन का हिस्सा बन गये। ब्रिटिश सरकार का विरोध करने पर उन्हें जेल भी जाना पड़ा। उनकी राजनैतिक नींव अकाली आन्दोलन, संघर्ष, त्याग और देशभक्ति की मजबूत नींव पर पड़ी।
राजनीति
आजादी मिलने के बाद वे पहले पंजाब विधानसभा से सदस्य चुने गये। इसके बाद शिक्षा मंत्री, ग्रामीण विकास और कृषि विभाग का दायित्व संभाला। उनकी राजनीति प्रैक्टिकली, प्रोग्रेसिव थी। उनके समय को पंजाब प्रान्त का स्वर्णिम काल कहा जाता है।
कैरों जी 1956 से 1964 तक पंजाब प्रान्त के मुख्यमंत्री रहे। उनका कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा।
उपलब्धियां
कृषि क्षेत्र में
* सिंचाई व्यवस्था
* ट्यूबवेल सिस्टम
* कृषि मशीनरी
* किसानों के लिये ट्रेनिंग सेंटर
उनके समय में पंजाब 'फूड कैपिटल ऑफ इंडिया बना
शिक्षा में क्रांति
* स्कूल निर्माण
* कॉलेज स्थापना
* तकनीकी संस्थान
* महिला शिक्षण संस्थान
* टीचर ट्रेनिंग सेंटर
उनका विजन " शिक्षा ही पंजाब का भविष्य बदलेगी"
औद्योगिक विकास
उन्होंने इण्डस्ट्रियल स्टेट्स बनाये, बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार किया। अतः पंजाब को मॉडर्न इंडस्ट्रीज का केन्द्र बनाया।
स्वास्थय सुधार
उन्होंने जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, डिस्पेन्सरी एवं केंद्र व सरकारी मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया। उनकी स्वास्थ्य राजनीति बहुत ही उच्च श्रेणी की थी।
भाषाई पुनर्गठन
जब 1968 में पंजाब का भाषाई आधार पर पुनर्गठन हुआ तो उन्होंने इसी process का intellectual और एडमिनिस्ट्रेटिव ग्राउंडवर्क रखा। उन्होंने पंजाब की कल्चरल आइडेंटिटी व एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर मजबूत किया।
नेतृत्व
उन्हें Strong, Honest, डेवलपमेंट-ओरिएंटेड गवर्नेंस कहा जाता है। 25 फरवरी 1965 को उनकी दर्दनाक हत्या कर दी गई। यह पंजाब ही नहीं अपितु देश के लिए अपूरणीय क्षति थी।
निष्कर्ष
वे मॉडर्न पंजाब के आर्किटेक्ट थे-
* स्कूल और कॉलेज में
* पंजाब के खेतों में
* सड़कों और उद्योगों में
वे हमेशा याद किये जायेंगे- the visionary leader, the development icon and the leader of modern Punjab.