भारत के राजनैतिक इतिहास में ऐसे लीडरों ने जन्म लिया है, जिनके सेवा कार्यों से राज्य निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर होता दिखायी देता है। उन्ही नेताओं में से एक नेता हुऐ है, जिनका नाम श्रीपति मिश्र (Sripati Mishra) है। वे काग्रेस के वरिष्ट नेता व उत्तर प्रदेश के तेरह वे मुख्य मंत्री (Chief Minister of Uttar Pradesh) रहे हैं। 

श्रीपति मिश्र का जीवन परिचय

श्रीपति मिश्र का जन्म 30 जनवरी 1923 को उत्तर प्रदेश राज्य के प्रताप गढ़ जिले में हुआ था। उनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। अतः किसानों की समस्याओं को उन्होंने नजदीकी से देखा था। इससे द्रवित होकर उन्होंने जन सेवा करने का संकल्प लिया था।

श्रीपति मिश्र की शिक्षा

श्रीपति मिश्र ने स्थानीय विद्यालयों से ही शिक्षा प्राप्त की थी। अध्ययन करते ही नवे राजनीति से जुड़ गये थे। धीरे-धीरे नवे जनता के बीच लोक प्रिय हो गये।

राजनीतिक कैरियर

श्रीपति मिश्र ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। अपने उच्च कार्यों के बल पर राजनीति में निरन्तर आगे बढ़ते गये।  

* शुरुआत में वे कांग्रेस से जिला स्तर पर संगठन से जुड़े। 

* इसके बाद कांग्रेस कमेटी में कार्य किया।

*  जनता से जुड़ाव और उनके द्वारा किये गये कार्यो ने उन्हें लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचाया। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

श्रीपति मिश्र 1982 में कांग्रेस से उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बने। मुख्यमंत्री काल में उन्होंने  महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर जोर दिया

1- प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाया।

2- सीधे जनता से संवाद स्थापित किया। सरकारी तंत्र तक जनता की पहुंच आसान बनायी।

3. किसानों की समस्याओं और जन समस्या का हल आसान बनाया।

4. उनका नेतृत्व सादा, सरल और जनता के लिये था।

उपलब्धियां 

उनकी प्रमुख उपलब्धियां निम्न है। 

1- कृषि सुधार और ग्रामीण विकास

मिश्र जी ने कृषि सुधार के अन्तर्गत खाद - बीज वितरण व्यवस्था आसान की लघु सिंचाई परियोजनाओं में सुधार किया। सड़‌क और विजली में सुधार किया।

शिक्षा

उन्होंने विद्यालयों का विकास और शिक्षकों की नियुक्तियों पर जोर दिया। उनका विजन था- "हर गाँव तक शिक्षा पहुंचाना।"

प्रशासनिक क्षमता 

उनका शासन चलाने का तरीका संघर्ष का न होकर संवाद आधारित था। के calm leadership style के लिये प्रसिद्ध थे। 

सामाजिक समरसता 

समाज के विभिन्न वर्गो के बीच उन्होन संतुलन स्थापित किया। उनका शासन शांति, और विकास आधारित था।

कार्यशैली

उनकी कार्य शैली मे विशिष्ठ गुण थे 

* Low Profile

* High dedication

* ईमानदारी

* जमीनी समझ

मुख्यमंत्री के बाद

राज्य के मुखिया पद छोड़ने के बाद भी वे जनता से जुड़े रहे। एवं पार्टी संगठन में कार्य करते रहे। 

निधन

श्रीपति मिश्र का 08 मई 2002 को निधन हो गया  ग्रामीण विकास, प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी के लिये उन्हें आज भी याद किया जाता है।

निष्कर्ष

मिश्र जी का जीवन शांत, सरल, सादगी और साधारण किसान परिवार से प्रेरित था। उत्तर- प्रदेश के सरल, ईमानदार और जनप्रिय नेता के रूप में वे हमेशा याद रहेंगे।