Table of Contents
स्वतंत्र भारत की राजनीति में लीडरों के राजनीति में संघर्षमय जीवन भरा हुआ है। ऐसी की ही राजनीतिज्ञ थी सुश्री मायावती। जो शून्य से उठकर शिखर पर पहुंची थी। वे एक राजनेता ही नही अपितु सामाजिक परिवर्तन की मिसाल थी। उनमें Determination, लीडरशिप, और करेज भरा हुआ दिखाई देता था।
मायावती का जीवन परिचय
मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली के एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ था। उन्होंने एक अभाव ग्रस्त बचपन जिया था।
मायावती की शिक्षा
पढ़ाई में अंत्यन्त मेधावी रही मायावती ने BA, बी.एड., एल. एल. बी. की पढ़ाई पूरी की। उनकी इच्छा आई.ए. एस. में जाने की थी। अपनी प्रखर भाषण शैली विचार और बौद्धिक क्षमता के बल पर वे राजनीति में आ गयी।
जीवन बदलने का समय
कांशी राम से मुलाकात 1980 के दशक में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक काशीराम की एक सभा में अपने ओजस्वी भाषण के बल पर उन्होंने कांशी राम का ध्यान अपनी ओर खीचा। कांशी राम ने उनसे कहा- "तुम I. A. S बनकर एक जिले की D. M बनोगी, लेकिन राजनीति में आकर करोड़ों लोगों की जिन्दगी बदल सकती हो।" तभी से उन्होंने अपना रुख राजनीति की ओर कर लिया।
राजनीति के संघर्ष की शुरुआत
राजनीति में आने पर उन्हे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भेदभाव, विरोध, आलोचना और यहाँ तक कि उन्हें अपने ऊपर व्यक्तिगत हमलों तक का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओ से शुरु की धीरे-धीरे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाती गयी।
पहली दलित महिला मुख्यमंत्री
मायावती उत्तर प्रदेश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ पिछडे, दलित और गरीबों की मसीहा बनकर उभरी।
प्रथम कार्यकाल
सन् 1995 में वे पहली बार प्रदेश कि मुख्य मंत्री बनी। यह कार्यकाल अल्प समय का रहा।
द्वितीय कार्यकाल
सन् 1997 में वे दूसरी बार सुबे की मुखिया बनी। इसमें उन्होंने प्रशासन में सक्ति दिखाई।
तृतीय कार्यकाल
अपने तीसरे कार्यकाल वह 2002 से 2003 तक मुख्य मंत्री रही। इसमें उन्होंने शिक्षा, न्याय, निर्माण कार्य और सामाजिक कार्यों पर जोर दिया।
चतुर्थ कार्यकाल
चौथा कार्यकाल उनका 2007 से 2012 तक का रहा। जो कि एक प्रभावशाली कार्यकाल सिद्ध हुआ। इसमें आर्थिक विकास, संरचना, सुरक्षा और न्याय पर जोर दिया। उनके शासन को "strie, stable and development- oriented administration" कहा जाता है।
स्मारक निर्माण
मायावती ने प्रेरणा स्थल, पार्क और स्मारक बनवाए। कुछ लोग इन्हें आलोचनात्मक दृष्टि से देखते हैं। परन्तु बड़ी संख्या में लोग इन्हें अपनी पहचान, Representation और dignity स्त्रोत मानते हैं।
सख्त कानून ब्यवस्था
मायावती की सरकार "Law and order government" रही है इसमें-
* महिलाओं को सुरक्षा।
* प्रशासन से राजनैतिक दबाब दूर।
* अपराधियों पर अंकुश और कार्यवाही।
* सख्त प्रशासनिक शैली को अपनाया।
साहसी और आत्म विश्वास से लबरेज
मायावती में आत्म विश्वास कूट-कूट कर भरा हुआ है। जो कि कार्य शैली से कहलाता है-
* निर्णय क्षमता गजब की है।
* आलोचनाओं से नही घबराती है।
* सादगी पूर्ण जीवन जीती है।
* स्पष्ट वादिता कहलाती है।
* दलित, वंचितो से गहरा लगाव रखती है।
विरासत
"अगर हौसला और ईमानदार इरादा हो, तो किसी भी पृष्ठभूमि से उठकर देश का नेतृत्व किया जा सकता है।" मायावती ने सावित करके दिखाया सामाजिक न्याय हेतु संघर्ष दलितों की राजनीति, कठोर प्रशासक, महिलाओं को सम्मान उनकी विरासत में है।
निष्कर्ष
* मायावती ने लाखों वंचितो को आवाज दी।
* चार बार मुख्यमंत्री बनी। इससे लोकतंत्र की भावना को बल मिला।
* राजनीति में सख्त प्रशासनिक क्षमता को दिखाया।
* न्याय और साहस का जनहित में उपयोग किया। मायवती की कार्य शैली आगामी पीढी के लिए एक मिशाल है।