मुलायम सिंह यादव भारतीय राजनीति के इतिहास के ऐसे नेता रहे हैं जो विशुद्ध किसान परिवार से आते है। जनता से सीधे जुड़ाव के कारण उन्होंने लोकप्रियता अर्जित की। वे एक नेता होने के साथ-साथ न्याय प्रिय, राष्ट्रप्रिय और जनप्रिय व्यक्ति थे।

संघर्षों में बचपन

सैफई के एक छोटे से गाँव में जन्मे मुलायम सिंह का बचपन संघर्षों में बीता था। परिवार की सादगी ही उनकी शिक्षा बनी discipline, responsibility मूल्य बचपन से ही उनके चरित्र में झलकते थे। वे आम जनता की समस्या क्या होती है? नजदीकी से दो-चार हो चुके थे। अतः आम जनता की पीड़ा को समझते थे। समस्या जानकर उसका निदान करते थे।

राजनैतिक शुरुआत

युवावस्था में वे सामाजिक असमानताओं देखकर उसके खिलाफ खडे हो जाते थे। धीर-धीरे वे युवाओं के लिये और छात्रों के लिये एक प्रमुख चेहरा बन गये।

1967 में पहली चुनावी जीत ___सन् 1967 में वे पहली बार चुनाव लड़कर विधानसभा पहुँचे। यह जीत एक किसान और आम आदमी की जीत थी। इससे उनका जनता से सीधा जुड़ाव और स्वच्छ छवि को दर्शाता है।

राजनैतिक जीवन

* मंत्रालय जिम्मेदारी और प्रशासनिक योग्यता के अन्तर्गत उन्होंने दिखाया कि प्रशासन केवल आदेश देने के लिए नहीं बल्कि जनता की समस्या समझकर निदान करने की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री टेन्योर

तीन बार वे मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री काल में लॉ एड आर्डर, सोशल सिक्योरिटी, बैकबर्ड कम्युनिटी वेलफेयर पर फोकस किया।

राजनैतिक बेलेंस

उनका राजीनीति में अपना अलग ही स्टाइल था। उनकी राजनीति प्रयोगात्मक, जनता के इर्द-गिर्द, रही। विपक्ष से भी उनके मधुर सम्बन्ध रहते थे। जो कि आज की राजनीति में दुल दिखाई देती है। 

रक्षा मंत्री के रूप में

जब वे भारत के रक्षा मंत्री बनाएं गये तो उन्होंने राष्ट्र रक्षा के साथ-साथ सैनिको के हित में भी कई कार्य किये। इससे सिद्ध हो गया कि नेता किसी भी background क्यों न आया हो यदि स्किल है तो किसी भी जिम्मेदारी को सफलता पूर्वक निभा सकता है। 

किसान हितैषी

किसान परिवार से आने के कारण वे किसानों की समस्याओं को समझते थे। इसके लिये उन्होंने किसान फसल सुरक्षा और ग्रामीण जीवन पर अपना फोकस किया। उनका मानना था- " किसान हिन्दुस्तान की रीड है।" 

जनता से सीधा जुड़ाव

जनता उन्हें धरती पुत्र कहकर पुकारती थी। वी. आई.पी. कल्चर से दूर रहकर वे जनता के बीच में जाकर उनकी समस्याएँ सुनते थे। उनसे आत्मीयता से बात करते थे। और उनकी समस्या का तुरंत निदान करते थे।

राष्ट्रीय राजनीति में स्थान

राष्ट्रीय राजनिति में उनका सम्मानित स्थान था। वे गठबंधन की राजनीति करते थे। गठबंधन की राजनीति को उन्होने स्थिरता देने का कार्य किया। उनके विचार राष्ट्रीय एकता, कम्युनलहारमोनी, डेमोक्रेटिव मूल्यों को मजबूत करते थे।

निधन

मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का निधन 10 अक्टूबर 2022 को हुआ था। पूरे देश से युवा, बुजुर्गा महिलाएं अपने नेता को विदाई देने उमड़े थे। उनकी सामाजिक न्याय की लड़ाई, संवेदन शील नेतृत्व, किसानो के अधिकार, जमीनी राजनीति, लोकतांत्रिक परंपराएं विरासत में शामिल थे।

निष्कर्ष

मुलायम सिंह यादव का जीवन एक राजनेता के रूप में ही नही अपित विनम्रता, अपनापन और जनता से जुडकर, जनता के लिये जीवन जिया था वे भारत की राजनीति के ऐसे अध्याय बने जिन्हें आगे  आने वाली पीढ़ी पढ़ेगी और समझेंगी