महाराष्ट्र राजनीति में बाबा साहेब भोसले सादगीपूर्ण मुख्यमंत्री, न्याय विद वकील, स्वच्छ चरित्र शांतिप्रिय स्वभाव, ईमानदार प्रशासन से जनता के बीच लोकप्रियता पाने वाले शख्सियत थे। उनकी clean governance, discipline and Constitutional integrity एक आदर्श मानी जाती है।

बाबा साहेब भोसले का जीवन परिचय

बाबासाहेब अनंतराव भोसले का जन्म 15 जनवरी 1921 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के पास एक साधारण परिवार में हुआ था।

शुरु से ही वे -

* मेहनत

* अनुशासन

* संवेदनशीलता

से ओत प्रोत थे।

बाबा साहेब भोसले की शिक्षा

भोसले ने कानून की पढ़ाई की थी। वे एक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित वकील थे। उनकी कानूनी पृष्ठभूमि ने 

* संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान

* प्रशासनिक समझ

* निर्णय लेने की श्रमता को मजबूती देकर मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त किया। 

राजनीति में-

भोसले जी स्वतंत्र भारत में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस से जुड़े। ground clean image and quiet leadership style से उनकी लोकप्रियता बढ़ी। उन्होंने

* शिक्षा

* सामाजिक न्याय

* प्रशासनिक अनुशासन

* ग्रामीण विकास

पर कार्य किया। अतः कांग्रेस में वे एक trusted, reliable and principled leader के रूप में स्थापित हुए।

मंत्री के रूप में-

* मुख्यमंत्री बनने से पूर्व भोसले जी ने महाराष्ट्र सरकार में कई विभागों में अपनी सेवाऐं दीं। 

उन्होंने महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले-

* विधि एवं न्याय विभाग

* शिक्षा विभाग

* गृह विभाग

मंत्री के रूप में वे-

* शांत

* सरल

* निष्पक्ष निर्णय लेने वाले

* संतुलित 

उनका फोकस - Public interest over political interest पर रहा।

मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र सरकार में 21 जनवरी 1982 को वे मुख्यमंत्री बने। हालांकि उनका काल अल्प अवधि मात्र एक वर्ष का रहा था। किन्तु उनका नेतृत्व low-profile but effective governance का उदाहरण था।

उपलब्धियाँ

1. पारदर्शी प्रशासन

* भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त

* निर्णय लेने में साफगोई

* सरकारी तंत्र में पारदर्शिता

2. शिक्षा पर फोकस

* a modern governance के सूचक हैं।

* छात्रों के लिये नयी योजनाएं

* सरकारी स्कूलों में सुधार

* शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान पर फोकस किया

3. कानून व्यवस्था

* नेहार प्रशासनिक अनुशासन

* जिम्मेदारी पूर्ण पुलिस व्यवस्था

* समय- bound निर्णय

4. सामाजिक न्याय

कानूनविद होने के कारण वे weaker sections and backward communities के अधिकारों के पक्षधर थे।

व्यक्तित्व

* विनम

* मितभाषी

* सरल

* ईमानदार 

* कर्तव्यनिष्ठ थे। 

उनकी लीडरशिप स्टाइल "Quiet integrity with disciplined governance" वे राजनीतिक शोर से दूर रहते substance over showmanship में भरोसा रखते थे।

चुनौतियाँ

* कुछ नेताओं का विरोध

* पार्टी में खींचतान

* गठबंधन में दबाव 

* प्रशासनिक बदलाव

में कठिनाई थी, किन्तु उन्होंने administration को प्राथमिकता दी।

निधन

बाबा साहब भोसले का निधन 6 अक्टूबर 2007 को हुआ था। किन्तु वे आज भी जीवित है-

* निष्पक्ष शासन में

* ईमानदारी में

* Constitutional ethics में

निष्कर्ष

उनका जीवन सिखाता है—"प्रभावशाली नेतृत्व loud नहीं होता—वह सच्चा और जिम्मेदार होता है। वे याद किये जाएंगे the honest Chief Minister. the disciplined administrator and the symbol of clean politics के रूप में।