भारत देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। उनकी विचारधारा रहन सहन अलग-अलग हो सकती है। परन्तु जब राष्ट्रीय एकता की बात आती है तो अन्त: सभी एक सूत्र में बंध जाते हैं।
आज कई राज्यों में गठबन्धन की सरकार देखने को मिल रही है। एक तरह से देखा जाये तो गठबन्धन की राजनीति भारतीय शासन प्रणाली का स्थाय रूप से हिस्सा बनती जा रही है। आगे हम गठबन्धन की राजनीति के हानि, लाभ एवं सीमाओं पर विस्तृत प्रकाश डालेंगे।
जब कोई राजनैतिक दल चुनाव में पूर्ण बहुमत नही प्राप्त कर पाता है तो ऐसी स्थिति में दो या दो से आधिक राजनैतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं तो ऐसी सरकार को गठबन्धन सरकार' कहते है।
* ऐसी स्थिति तब आती है जब DIVERSE VOTER MANDATE हो।
* जनता राय कई दलों में बटी हुई हो।
शुरुआत के दशको में भारत में Singer-party dominance रहा है। समय-समय पर क्षेत्रीय पार्टी उभरती रही है। क्षेत्रीय मुद्दे जनता के बीच प्रमुखता से - उभरते हैं। जनता का राजनीति में जागरुक होना, यह सब किसी एक पार्टी को बहुमत न मिलने का कारण बनते है। आज गठबन्धन की राजनीति Indian democratic Structure बन चुकी है।
1. व्यापक जनप्रतिनिधत्व मिलता है।
* Inclusiv Govor nanee _
A. अलग-अलग दल होते हैं।
B. अलग-अलग समाज, वर्ग, क्षेत्र एवं विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते है।
इसके कारण
A. सरकार ज्यादा लोगों की आवाज बनती है।
B. लोकतंत्र अधिक सहभागी बनता है।
2. सत्ता का केन्द्रीकरण नही होता है।
गठबन्धन सरकार में
A. निर्णय आपसी सहमति से लिये जाते हैं।
B. कोई एक दल सम्पूर्ण Dominant नहीं होता।
इसके कारण
A. सत्ता संतुलित रहती है।
B. लोकतंत्र मजबूत होता है।
C. Authoritarian tendencies पर लगाम लगती है।
3. संघीय ढांचे को मजबूती मिलती है।
* गठबन्धन राजनीति में
A. राज्यों की समस्याएँ राष्ट्रीय पॉलिसी का हिस्सा बनती है।
B. क्षेत्रीय पार्टीयों की भूमिका बढ़ती है।
फल स्वरुप
A. केन्द्र और राज्य के सम्बन्ध मजबूत बनते हैं।
B. फेडरल स्ट्रक्चर को मजबूती मिलती है।
4- क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय मंच
गठबन्धन सरकार में -
A. छोटो राज्यों, पिछड़े क्षेत्रों को विजविलटी मिलती है।
B. रीजनल डिमांड नेशनल एजेन्डा बनती है। जैसे किं-
A- कृषि इश्यू
B. रीजनल कल्चरलस राइट्स
C. रीजनल डवलपमेंट प्रोजेक्टस
5. संवाद और समझौते की संस्कृति का पनपना
गठबन्धन की राजनीति आपसी सहमति और बात-चीत आधारित होती है। इससे टकराव की, स्थित न बनकर समझौता वादी स्थित बनाकर कार्य होते हैं।
6. विपक्ष की मजबूत भूमिका
इसमें विपक्ष पूरी तरह कमजोर नहीं होता है सरकार पर विपक्ष की निगरानी रहती है जिसकी वजह से पारदर्शी लोकतंत्र बनता है। Accountability बढ़ती है।
7. नीतियों में संतुलन
गठबन्धन सरकार में अलग- अलग दलों की विचारधारायें शामिल होती है। जिसके कारण पॉलिसीज ज्यादा प्रकटीकल और प्रभावशाली बनती है। जो शासन के लिये हितकारी होता है।
1. निर्णय प्रक्रिया में लेट-लतीफी
गठबन्धन सरकार में हर बड़े फैसले पर आपसी सहमति जरुरी होती है जिसके कारण निर्णय लेने में अनावश्यक देरी होती है। इमरजेंसी जैसी स्थित में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
2. सरकार की स्थिरता असमंजस में
गठवन्धन सरकार को हमेशा समर्थन वापिसी की आशंका बड़ी रहती है। इससे सरकार की कार्य प्रणाली पर असर पड़ता है।
3. नीति समझौते
गठबन्धन सरकार में Long-term नीतियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
4. जबाब देही का बटवारा
जब कोई पॉलिसी विफल रहती है तो इसका जिम्मेदार गठबन्धन सरकार में एक दूसरे के सिर मड़ा जाता है। जनता के लिये जबाब देही स्पष्ट नहीं होती है।
गठबन्धन की राजनीति मजबूरीन होकर अपित डेमोक्रेशी की आवश्यकता होनी चाहिये जनता को पारदर्शी शासन और न्याय मिलना चाहिये।
गठबन्धन की राजनीति सत्ता के केन्द्रीकरण को रोकती है। सर्वसमाज को मौका देती है। यदि सही लीडरशिप, अजबूत संवाद, स्पष्ट नीति होतो कारगर रहती है।