वेनेजुएला लेटिन अमेरिका का प्रचूर मात्रा में खनिज तेल और गैस भंडार के अलावा धरती के गर्म में छुपे खनिज भण्डारों के लिए जाना जाता है अमेरिका ने वेनेजुएला पर आर्थिक प्रतिबंध लगाये। खनिज तेल पर अमेरिका के निर्णय ने वेनेजुएला की आर्थिक स्थित पर गहरा प्रभाव डाला। इस देश की स्थिति आर्थिक रूप से दिनों दिन बिगड़ती चली गयी। अमेरिकी एक्शन, उसका बेनेजुएला और अन्तराष्ट्रीय प्रभाव और आने की सम्भावनाओं पर प्रमाणित घटनाओं और नीतिगत संदर्भ के साथ असर।
वेनेजुएला और अमेरिकी सम्बन्धों का बिगड़ना
वेनेजुएला के साथ अमेरिका के सम्बन्ध विगत कई वर्षों से बेहद खराब स्थिति में रहे हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मानवाधिकार और खराब शासन व्यवस्था को लेकर अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रश्न चिन्ह लगते रहे हैं। अमेरिका का वेनेजुएला पर मानना रहा है कि वेनेजुएला में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, नागरिक अधिकारों की सुरक्षा, संस्थागत पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिये। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिका ने समय-समय पर प्रतिबंध भी लगाये। इसका घोषित उद्देश्य लोकतांत्रिक सुधारी की रक्षा और मानवाधिकारी की सुरक्षा रहा है।
1- अमेरिका ने वेनेजुएला सरकार पर वित्तीय लेनदेन,अंतराष्ट्रीय व्यापार, सम्पत्तियों की आवाजाही पर आर्थिक प्रतिबंध लगाये।
2- तेल और ऊर्जा क्षेत्र में वेनेजुएला पर अमेरिका ने कभी लाइसेंस में सख्ती कमी ढील के कारण वेनेजुएला की आर्थिक स्थित पर बुरे अर्थात नकारात्मक प्रभाव पड़े। प्रचुर मात्रा में तेल भंडार होते हुऐ वेनेजुएला प्रतिबन्धों के कारण तेल का व्यापार भी नही कर पा रहा था। प्रतिबन्धों की सशक्ति का प्रभाव वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कम्पनी PDV SA पर गहरा असर पड़ा।
3. अन्तराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक दबाब
अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय साझीदारो के साथ मिलकर वेनेजुएला पर दबाब बनाया। संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय मंचों से मानवाधिकार और राजनीतिक सुधार के मुद्दों को उठाया।
वेनेजुएला पर प्रतिबंधों का असर
1- आर्थिक स्तिथ वेनेजुएला पर गहरा असर देखा गया
* देश में मुद्रास्फीति बढी। विदेशी मुद्रा की कमी हुई। जिसके कारण आम आदमी की क्रय शक्ति प्रभावित हो गयी।
* आयात पर अत्यधिक निर्भरता के कारण देश में आर्थिक संतुलन बिगड़ा दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गयी।
* वेनेजुएला सरकार ने वैकल्पिक व्यापार की ओर रुख किया परन्तु प्रतिबन्धों के कारण लेन-देन जटिल हुआ।
2- समाजिक प्रभावों के अन्तर्गत भी वेनेजुएला को खराब स्थिति का सामना करना पड़ा -
* देश में रोजगार और सामाजिक सेवाओं की कमी हुई।
* देश के नागरिकों का रोजगार की तलाश में पलायन ने क्षेत्रीय मानवीय चुनौतियों को बढ़ाया
3- राजनैतिक स्थित को लेकर वेनेजुएला मैं असमंजस की रही।
* प्रतिबंधों और अंतराष्ट्रीय दबाब के चलते चुनावी प्रक्रिया और राजनैतिक वाताओं के दौर में तेजी आयी।
* सरकार और विपक्ष के मध्य संवार के प्रयास हुये। परन्तु उसकी गति अंतराष्ट्रीय दबाब से प्रभावित रही।
ऊर्जा मार्केट
खनिज तेेल वेनेजुएला संपन्न है| प्रतिबधों के कारण GLOBAL OIL PRICES और ENERGY SECURITY पर प्रभाव पड़ना तय है जब अन्य क्षेत्रो की आपूर्ति बाधित ही रही हों।
भू-राजनीति
वेनेजुएला ने अमेरिका के अलावा अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश की। इससे बहुध्रुवीयता राजनीति को बल मिला इससे लेटिन अमेरिका में शक्ति संतुलन चर्चा तेज हुई।
क्षेत्रीय स्थिरता में हलचल
मानवीय पलायन और चुनौतियो असर पडोसी देशों पर पड़े बिना नही रहा। जिसके कारण Regional Stability और Humanitarian Response की आवश्यकता बड़ी।
अमेरिकी पक्ष और तर्क
अमेरिका ने अपने द्वारा वेनेजुएला पर उठाये गये कदमों का उद्देश्य बताया-
* स्वतंत्र चुनाव और राजनैतिक समावेशन को प्रोत्साहित करना।
* मानवाधिकार उल्लंघन को रोकना।
* लोकतांत्रिक मानकों की बहाली करना।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला सरकार ने प्रतिबन्धो को अन्यायपूर्ण बताया। आर्थिक दबाब और प्रतिबन्धों के कारण देश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। प्रतिबंधों और आर्थिक दबाब को देश की संप्रभुता पर हस्तक्षेप बताया। इसी वजह से वैकल्पिक मार्ग और साझीदार तलाशे।
* प्रतिबन्धों में शर्त सहित ढील
यदि राजनैतिक वार्ता में सुधार और मानवाधिकार, चुनावी प्रक्रिया सुधार होने पर अमेरिक प्रतिबंधों में सशर्त ढ़ील दे सकता है।
* ऊर्जा सहयोग
विश्व की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यदि तय शर्ते पूरी होतो तेल क्षेत्र में सीमित सहयोग की सम्भावना हो सकती है।
* अन्तराष्ट्रीय मध्यस्थता
अन्तराष्ट्रीय मध्यस्थता के चलते एक स्थिर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
* यथावत स्थित
प्रगति सीमित रहने पर मौजूदा प्रतिवन्ध जारी रह सकते है जिससे अर्थव्यवस्था और नागरिको का जीवन यथावत रहेगा।
वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन दिप क्षीय मुद्दा न होकर लोकतंत्र मानवाधिकार, ऊर्जा, सुरक्षा और वैस्विक भू-राजनीति का मुद्दा है। आगे राजनीति संस्थागत सुधार, और अन्तराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर होगा।