भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशयल इन्टेलीजेंस-AI )में वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिये एक स्पष्ठ और महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखा है। उन्होंने कहा है कि 2047 को भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा। तब तक भारत विश्व की तीन महाशक्तियों में शामिल होना चाहिए। यह केवल तकनीकी लक्ष्य ही नहीं अपितु आर्थिक, रणनीतिक और सामाजिक परिवर्तन का रास्ता है।
बीसवीं सदी में तेल (oil) ने औद्योगिक उत्पादन में भूमिका निभाई थी। 21वीं सदी Artificial Intelligence की होगी।
* हैल्थ केयर
* डिफेंस
* एजूकेशन
* गवर्नेन्स
* फाइनेन्स
* एग्रीकल्चर
* साइबर सिक्योरिटी
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार AI केवल तकनीकी नहीं "force multiplier" है - अर्थात विकास को कई गुना बढ़ाने का साधन भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था AI पर निर्भर होगी।
हालांकि AI क्षेत्र में भारत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है, परन्तु अमेरिका और चीन से अभी पीछे है।
भारत की प्रमुख ताकतें
* मजबूत IT सेक्टर
* दुनिया का सबसे बड़ा डेटा बेस
* तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इको सिस्टम
* विशाल डिजिटल आबादी
* सस्ता इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी
* डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (UPI, आधार डिजीलॉकर)
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम बनने के कारण AI कम्पनिया लगातार बढ़ रही है।
प्रधान मंत्री ने AI को "India @ 2047 " विजन का मुख्य स्तम्भ बताया।
1. इण्डिया AI मिशन
* AI रिसर्च को बढ़ावा
* स्टार्टअप को वित्तीय सहायता
* भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित करना
* हाई - परफॉरमेन्स कम्प्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना
2. सेमीकन्डकटर और हार्डवेयर विकास
AI के लिए साफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर भी आवश्यक है। अत: भारत सेमीकंडक्टर निर्माण पर खास फोकस कर रहा है।
3. स्किल डवलपमेंट
* कोडिंग
* मशीन लर्निंग
* डाट साइन्स
* रोबोटिक्स
* कुड कम्प्यूटिंग
जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण व्यवस्था
भारतीय अर्थव्यवस्था पर AI का प्रभाव
* Smart irrigation
* Crop prediction
* Pest detection
* Precision Farming
2. शिक्षा
* Personalized learning
* वर्चुअल क्लासरूमस
* लेग्वेज ट्रासलेशन टूल्स
3. स्मार्ट शहर
* ट्रेफिक मेनेजमेंट
* पब्लिक सेफ्टी सिस्टमस
* एनर्जी optimization
4. स्वास्थय
* Telemedicine
* Disease diagnosis
* ड्रग डिस्कवरी
* Personalized ट्रीटमेंट
* अमेरिका - Big Tech कम्यनियां, रिसर्च लीडरशिप
* चीन - massive इन्वेस्टमेंट और सरकारी समर्थन भारत को शीर्ष तीन में पहुँचने के लिए प्रधानमंत्री ने" रेसपॉन्स बिल AI और हयूमन सैन्ट्रिक AI पर जोर दिया है।
चुनौती
रिसर्च इनवेस्टमेंट कमAi रिसर्च पर खर्च विकसित देशों की तुलना में कम है|
* ब्रेन ड्रेन
प्रतिभाशाली इंजीनियर विदेश चले जाते हैं।
* डाटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी
AI के साथ डेटा सुरक्षा की चुनौती है।
* डिजिटल ड्राइव
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में तकनीकी अन्तर होना।
विशेषज्ञों के अनुसार
* कुछ परम्परिक नौकरिया खत्म होंगी
* हाइब्रिड वर्क फोर्स विकसित होगा।
* उच्च कौशल वाली नौकरियां पैदा होगी।
* हाइब्रिड वर्क फोर्स विकसित होगा।
* प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी।
सरकार का लक्ष्य - AI JOB किलर न होकर Job Creator हो।
भारत का मॉडल
* भारतीय भाषाओं के लिये AI
* लोकोस्ट AI सोल्यूशन
* विकासशील देशों के लिए तकनीकी
* सामाजिक समस्याओं का समाधान
सुरक्षा महत्व
* साइबर बैल फेयर टूल्स
* इन्टैली जेन्स एनालाईसिस
* ड्रोन टेक्नोलाजी
* Autonomous सिस्टम
AI की मदद से
* GDP तेज बढ़ेगा
* वैश्विक प्रभाव बढ़ेगा।
* सरकारी सेवाएं बेहतर होगी।
* इनोवेशन इकोसिस्टम मजबूत
भारत यदि दुनिया की तीन AI महाशक्तियों में शामिल हो तो -विश्व स्तर एक प्रभावशाली, अर्थिक रूप से मजबूत, सुरक्षित भारत, जन मानस उच्च जीवन स्तर होगा।