* सात हिस्सों में बटी हुई है ताकत
* पहले से तय है, हर पद को उत्तराधिकारी
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के टॉप लीडर खत्म हो चुके है किन्तु ईरान पूरी ताकत के साथ हमला कर रहा है। ईरान के संदर्भ में चर्चा है कि उसकी टॉप लीडर के खत्म होने पर वह कैसे सेना और देश का नेतृत्व कर रहा है। विशेषज्ञो के अनुसार ईरान की राजनैतिक और सैन्य व्यवस्था इस प्रकार है कि अगर शीर्ष नेतृत्व पर हमला हो जाये या कोई पद खाली हो जाए तब भी सरकार और सेना अपना काम करती रहेगी। हर महत्वपूर्ण पद हेतु संभावित उत्तराधि-कारी अपना कार्य अनवरत रूप से कार्य करते रहेगे।
देश में सबसे शक्तिशाली पद अली ख़ामेनेई के पास था। जिसे सुप्रीम लीडर कहा जाता था। वर्तमान में यह पद Masoud Pezeshkian के पास है। एक सुप्रीम लीडर के पास सेना, न्यायपालिका, सुरक्षा एजेंसिया एवं रणनीतिक फैसलों का अन्तिम अधिकार होता है। देश में एक निवाचित राष्ट्रपति भी होता है।
1- सुप्रीम लीडर
देश के सर्वोच्च धर्मिक और राजनैतिक लीडर जिनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना पर अंतिम नियंत्रण होता है।
2- राष्ट्रपति और सरकार
आर्थिक नीतिया, प्रशासन और अंतराष्ट्रीय संबन्धों का प्रबन्धन ।
3- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोप्र्स (IRGC)
यह ईरान की सब से शक्तिशाली सैन्य संख्या होती है जो बाहरी खतरों के निबटान के साथ क्षेत्रीय अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
4- नियमित सेना
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आर्मी देश की परम्परागत सैन्य शक्ति है जो सीमा सुरक्षा और सुद्ध संचालन में काम करती है।
5- मजलिस (संसद )
यह कानून बनाने और सरकार की नीतियों की समीक्षा करती है।
6- गार्जियन काउंसिल
यह संस्था चुनावों की निगरानी करती है और संसद द्वारा बनाये कानूनों की समीक्षा (इस्लामी संविधान के अनरूप) करती है।
7- सुरक्ष और खुफिया तंत्र
कई सुरक्षा एजेंसिया जिनका कार्य देश के भीतर और बाहर रणनीतिक जानकारी जुटाना होता है।
राजनैतिक प्रणाली की महत्वपूर्ण व्यवस्था यह है कि प्रमुख पदों के लिए सम्मानित उतराधिकारियों की सूची पहले हो ही तैयार होती है। विशेषज्ञों के अनुसार कई पदों के लिए तो तीन से चार संभावित उत्तराधिकारी तैयार रखे जाते है । ताकि शीर्ष नेता के अचानक पद छोडने या किसी हमले में मारे जाने पर तुरन्त नया नेतृत्व सामने आ सके।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर देश की कमान अचानक खाली हो जाये तो सैन्य रणनीति, कूटनीति और सुरक्षा फैसलों उत्पन्न, भ्रम से बचा जा सकता है। अतः ईरान ने कई स्तरों पर सत्ता व्यवस्था विभाजित की है।
ईरान की सत्ता व्यवस्था इस प्रकार की है कि यदि शीर्ष नेतृत्व पर दबाब या संकट आता है तो भी देश की सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था कार्य करती रहती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया जारी रहती है।