भारत विविधताओ से भरा हुआ देश है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में लम्बे सत्ता में बने रहना अपने आप में एक चुनौती है। वर्तमान में भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार 8,931 दिन तक लगातार प्रधान मंत्री रह कर भारतीय इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इस कीर्तिमान को अर्जित करने के लिए कुशल नेतृत्व, रणनीति, जन समर्थन और गवर्नेन्स मॉडल की आवश्यकता होती है। जो भारत की राजनीति को गहराई तक प्रभावित करता है।
भारत की राजनीति में इस उपलब्धि का महत्त्व
भारत जैसे देश में प्रधान मंत्री का पद केवल एक राजनैतिक पद ही नही है अपितु यह पद देश की दशा और दिशा निर्धारण करता है। कुशल हाथों में देश की बागडोर हो तो देश तरक्की करता है और विश्व को भी अपने हिसाब से प्रभावित करता है। मोदी के लगातार पद पर बने रहने से सिद्ध होता है की जनता में उनकी स्वीकार्यता है।
इससे पूर्व कई प्रधान मंत्रियों का भी लम्बे समय तक कार्य काल रहा है। परन्तु उनके कार्यकाल में रूकावट आयी थी। मोदी का कार्यकाल consistent political dominance का उदाहरण है जिसमें उन्होंने लगातार चुनाव जीतकर सत्ता में अपनी स्थिति मजबूत रखी।
सन् 2014 में नरेन्द्र मोदी ने प्रधान मंत्री पद का सफर शुरू किया था। उनके प्रधान मंत्री बनते ही देश परिवर्तन और विकास की उम्मीद जगी थी। 2019 में मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने फिर सत्ता में वापिसी की जिसने साबित किया की मोदी का राजनैतिक प्रभाव केवल एक लहर ही नहीं अपितु एक स्थायी ताकत है। अपने शासन में मोदी ने प्रमुख फैसले लिए -
* मेक इन इंडिया
* अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि
* आर्थिक सुधार
* डिजिटल इंडिया
* वर्तमान में AI की ओर प्रभावी कदम
नेतृत्व शैली
मोदी की नेतृत्व शैली की अपनी अलग ही विशेषताए है।
1. मास कम्युनिकेशन
उनका जनता से सीधा संवाद करने का तरीका बहुत प्रभावशाली है। ' मन की बात ' जैसे कार्यक्रमों ने उनको जनता से सीधा जोड़ा है।
2. मजबूत फैसले
मोदी जी देश हित में कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते है। फिर चाहे वो demonetization हो या G.S.T
3. सेंट्रलाइज्ड गवर्नेन्स
उनकी गवर्नेन्स एप्रोच बड़ी प्रभाव शाली मानी जाती है। जिसे वे कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते है। जो की प्रभावी होते है।
4. Brand building
उनका व्यक्तित्व एक मजबूत राजनैतिक ब्राण्ड बन चूका है। और वे चुनावी रणनीति बनाने माहिर है।
विश्व में भारत की पहचान
नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारत की मजबूत वैश्विक पहचान बनी है।
* भारत ने G-20 जैसे वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थित दर्ज की है।
* विदेश नीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
* भारत को emerging power के रूप में देखा जाता है।
चुनौती
लम्बे कार्यकाल में चुनौतीयों का भी सामना करना पड़ता है।
* बेरोजगारी
* आर्थिक असमानता
* सामाजिक और राजनैतिक ध्रुवीकरण
आलोचकों का मानना है कि सेंट्रलाइज्ड गवर्नेन्स कभी-कभी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव डाल सकती है। वहीं समर्थकों का मानना है कि मजबूत नेतृत्व के बिना बड़े बदलाव संभव नहीं हैं।
लगातार नेतृत्व का महत्व
* विकास योजनाओं में consistency बनी रहती है।
* प्रशासनिक स्थिरता रहती है।
* नीतियां लम्बे समय तक लागू रहती है।
युवा और भविष्य की राजनीति
आज के युवाओं के लिए
* यह दिखाती है की लीडरशिप केवल चुनाव जितने तक सीमित नही होती है।
* अपितु यह लम्बे समय विजन और जनता के ट्रस्ट पर निर्भर करती है।
* मजबूत लीडरशिप, कुशल नेतृत्व वाले लीडर लम्बे समय तक राजनीति करते है।
निष्कर्ष
एक लीडर अपनी दूर दृष्टि कुशल नेतृत्व और अपार जन समर्थन के बल पर लम्बे समय तक सत्ता में बना रह सकता है। नरेन्द्र मोदी ने अपनी कार्य क्षमता और स्पष्ट बिजनरी के बल पर लम्बे समय तक सत्ता में बने रहे है। आने वाले भविष्य में युवा पीढ़ी के लिए यह शोध का विषय होगा।