विश्व की राजनीति और अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। बड़े Power Blocs के बीच टैरिफ वार, Protectionism और सप्लाई चेन को पोलिटिक्स में तेज हो रही है। वहीं यूरोप के कई देश लोग टर्म पार्टनरशिप की तलाश करते हुए देखे जा रहे हैं।
वही पोलैंड के उप प्रधान मंत्री का बयान भारत के साथ Strategic और Economic Cooperation बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बयान का महत्व बढ़ जाता है, तब-
* ग्लोबल ट्रेड पर टैरिफ बढ़ रहे हैं।
* यूरोप यूएस और यूरोप - चाइना ट्रेड रिलेशन्स मैं तनाव है।
* 60 देशों को अपनी इकोनोमिक सिक्योरिटी पर नये सिरे से सोचना पड़ रहा है।
अंतराष्ट्रीय व्यापार में
* इम्पोर्ट टैरिफ बढ़ रहे हैं।
* Trade barriers सख्त हुए हैं।
* जियो पोलिटिक्स रिस्क सीधे इकोनोमी को प्रभावित कर रहे है |
विशेषता
* US - चाइना ट्रेड टेंशन्स
* रसिया - यूक्रेन conflict के बाद यूरोप की एनर्जी क्राइसिस
* सप्लाई चेन का एशिया से यूरोप तक प्रभावित होना।
इन वजहों से मिड-सज यूरोप इकोनोमिक्स, जैसे पोलैंड, अब diversification की नीति अपना रहे हैं।
* नाटो का एक मजबूत स्तम्भ
* यूरोपियन यूनियन का सक्रिय सदस्य
* US का क्लोज ally रहा है।
परन्तु बदली हुई परिस्थितियों में -
* केवल ट्रेडीशनल पार्टनर्स पर निर्भर रहना रिस्की माना जा रहा है।
* खासकर ट्रेड, मैन्यु फेक्चरिग और टैक्नोलोजी सैक्टर्स में
अतः पोलैंड एशिया की ओर देखते हुये भारत को एक रिलाइबल, डेमोक्रेटिक और फास्ट ग्रोडिंग इकोनोमी के रूप में देख रहा है।
1. भारत की आर्थिक मजबूती
* विश्व की फास्टेस्ट - ग्रोइंग मेजर इकोनोमी
* लार्ज डोमेस्टिक मार्केट
* मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों में मजबूत पकड
2. स्टेबिल पोलिटिकल सिस्टम
* डेमोक्रेटिक गवर्नेंस
* Predictable फोरेने पोलिसी
* लोग टर्म पार्टनरशिप पर जोर
3. ग्लोबल सप्लाई चेन अल्टरनेटिव
चाइना पर excessive डिपेन्डेन्सी कम करने के लिए भारत को Trusted अल्टरनेटिव हब माना जा रहा है।
1. ट्रेड एण्ड मेन्युफेक्चरिंग
* ऑटोमोटिव कम्पोनेंट्स
* मशीनरी
* Pharmaceuticals
* डिफेन्स मैन्युफेक्चरिंग
2. टेक्नोलोजी एण्ड इन्नोवेशन
* IT सर्विसेज
* फिनटेक
* ग्रीन टेक्नोलोजीस
* साइबर सिक्योरिटी
3. डिफेंस एण्ड सिक्योरिटी को आपरेशन
* जॉइंट प्रोडक्शन
* टेक्नोलोजी शेयरिंग
* डिफेंस ट्रेड
4. एनर्जी एण्ड क्लाइमेट को आपरेशन
* Renewable एनर्जी
* हाइड्रोजन
* सोलर एंड विण्ड
यह भारत की-
* ग्लोबल स्टेंडिंग
* डिप्लोमेटिक केडीविलिटी
* मल्टी - एलाइनमेंट पॉलिसी को पुष्ट करता है।
इण्डिया - यूरोप रिलेशन्स
* इडिया - यूरोप ट्रेड टॉक
* टेक्नोलोजी पार्टनरसिप
* इण्डो- पेसेफिक स्ट्रेटजी
हाल के वर्षों मे तेज हुई है।
विश्व में बढ़ते टैरिफ़ uncertain एलान्स के मध्य पोलैंड और भारत के साथ सहयोग संकेत देता है -
* भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका की
* यूरोप की नयी रणनीति की
* भारत के बदलते ग्लोबल पावर बैलेन्स की