इमरान खान की गिरफ्तारी होने के विरोध में PTI समर्थकों ने की तोड़फोड़

By :Admin Published on : 12-May-2023
इमरान

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान में काफी तोड़फोड़ और आगजनी होने लगी है। इसीलिए भारत सरकार इस्लामाबाद में डिप्लोमेटिक मिशन और भारतीय राजनायिकों की सुरक्षा को लेकर काफी परेशान है। पाकिस्तान में बदली स्थितियों से सबसे ज्यादा भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आगे हम आपको इस लेख में इसके संबंध में विस्तृत जानकारी देने जा रहे हैं। 


बतादें कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट से इमरान खान को गिरफ्तार होने की वजह से पाकिस्तान में आगजनी हो रही है। इमरान के चाहने वाले और समर्थक काफी आक्रोश में दिखाई दे रहे हैं। इमरान खान के समर्थकों ने राज्यपाल भवन के सहित सेना के विभिन्न दफ्तरों को फूंक दिया है। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, आगजनी एवं हिंसा में अब तक पांच अधिकारी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। 


इमरान खान के सत्ता से जाने के उपरांत ही इमरान खान पाकिस्तान की सेना एवं सरकार की रड़ार पर थे। इमरान खान निरंतर शहबाज सरकार और सेना के बड़े अधिकारियों पर बयानों के माध्यम से हमला बोल रहे थे। 


हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख को इमरान खान ने बादशाह बोल दिया था। इमरान खान ने कहा था, कि सेना के लोग आम जनता को गुलाम समझते हैं। इमरान खान ने खुद को सेना से खतरा भी बताया था। 


दरअसल, इमरान खान की पार्टी (पीटीआई) पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की तरफ से बुधवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने की अपील की। पीटीआई समर्थक अब पंजाब और लाहौर प्रांत में उच्च स्तर के अधिकारियों के घर का घेराव करेंगे। पीटीआई के अनुसार, पुलिसिया कार्यवाही में उनका एक कार्यकर्ता मारा गया है।   


पाकिस्तान गठन के उपरांत यह पहली बार यह देखने को मिला है, कि जनता और किसी राजनीतिक दल के निशाने पर उसकी सेना है। खैबर पख्तूनख्वा, लाहौर, रावलपिंडी में सेना पर काफी पथराव भी हुआ है। इमरान समर्थकों का यह कहना है, कि सेना के कारण से ही उनकी गिरफ्तारी हुई है।


पाकिस्तान में बिगड़ी परिस्थितियों पर ब्रिटेन और अमेरिका की तरफ से बयान जारी किया गया है। पाकिस्तान की मौजूदा परिस्थितियों ने भारत की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। पड़ोसी देश पर भारत की निगाह बनी हुई है। भारत सरकार इस्लामाबाद में डिप्लोमेटिक मिशन एवं भारतीय राजनायिकों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतिंत है।  


प्रदर्शनकारियों का सीधा निशाना सेना पर केंद्रित है  


द विल्सन सेंटर में साउथ एशिया के डायरेक्टर माइकल कुगलमैन के अनुसार, पाकिस्तान में सेना पर इस प्रकार का हमला सोच से परेह है। सेना की संपत्ति पर जिस ढंग से इमरान खान के समर्थकों ने हमला बोला है, उससे उसकी विश्वसनीयता काफी संदेह और खतरे में है।


पाकिस्तान गठन के बाद सत्ता हासिल करने और उसे चलाने में पाकिस्तान सेना की मुख्य भूमिका रही है। सेना के हस्तक्षेप को लेकर कई बार बहुत सारे सवाल भी खड़े हुए हैं। परंतु, कभी भी इस प्रकार का हमला सेना पर नहीं हुआ है। इमरान खान के समर्थकों के कहने के अनुसार, सेना ने रेड लाइन क्रॉस कर दिया है। 


प्रदर्शनकारियों के निशाने पर सेना के रहने की वजह से भारत को सतर्क रहना होगा। क्योंकि, ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तानी सेना किसी भी वारदात को अंजाम दे सकती है। पाकिस्तान में सेना की विश्वसनीयता जब कभी भी संकट में आती है, तो भारत पर पाकिस्तान हमला कर देता है।


भारत ने खतरे का अंदाजा लगाते हुए एलओसी पर सतर्क जारी करते हुए सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ को भी अलर्ट कर दिया है, जिससे पाकिस्तानी सेना के इरादों के विषय में जानकारी प्राप्त हो सके।


पूर्व में भी वर्ष 2011 और 2013 में पाकिस्तान की सेना भारतीय सेना पर कायराना हमला कर चुकी है। 2013 में भारत के 12 सैनिक शहीद हुए थे। पाकिस्तान इसके अतिरिक्त आतंकियों के माध्यम से भी भारत की सीमा पर घुसपैठ करने का प्रयास करता है। 


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