पीएम मोदी ने कर्नाटक चुनाव के चलते लोगों को रेवड़ी संस्कृति से बचने को कहा है

By :Admin Published on : 30-Apr-2023
पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाली 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के चलते रेवड़ी संस्कृति के विरुद्ध एक सशक्त आधार स्थापित करने की अपील की है। बीजेपी के बूथ-स्तरीय अभियान को सुद्रण बनाने के लिए 50 लाख से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं को पीएम मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया है। 


पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है, कि जब पार्टी की अपनी वारंटी समाप्त हो जाती है। उस स्थिति में इस तरह की गारंटी का कोई अर्थ नहीं होता है। पीएम मोदी ने कर्नाटक में कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर अपना निशाना बनाया है। जिसके अंतर्गत लोगों को मुफ्त में बिजली, चावल के साथ-साथ आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा किया है। 


पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा 


पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया है, कि इस प्रकार के मुफ्त देने के वादों से प्रदेशों पर काफी ज्यादा कर्ज चढ़ जाता है। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया है, कि देश और राज्यों की सरकारें इस प्रकार से कार्य नहीं कर सकती हैं। पीएम मोदी का कहना है, कि ‘हमारे देश में, कुछ राजनीतिक दलों ने राजनीति को सत्ता और भ्रष्टाचार का साधन बना लिया है। इसे हासिल करने के लिए वे ‘साम, दाम, दंड, भेद’ जैसे सभी साधनों का उपयोग कर रहे हैं। ये राजनीतिक दल देश, कर्नाटक की भावी पीढ़ी, इसके युवा और महिलाओं के भविष्य के बारे में नहीं सोचते हैं।’


पीएम मोदी ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ताओं से क्या कहा 


बतादें, कि भाजपा ने इस सप्ताह के आरंभ में कहा था, कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल रैली में 58,112 बूथों के करीब 50 लाख कार्यकर्ता शम्मिलित रूप से भाग लेने वाले हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी शनिवार से कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर निकलने वाले हैं। जिसके दौरान उनका छह जनसभाओं को संबोधित करने के साथ-साथ दो रोड शो करने का भी कार्यक्रम है। 


पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है, कि यह देखते हुए कि कर्नाटक के लोगों का भाजपा पर बहुत भरोसा है ‘हर बूथ में आपका प्रयास बीजेपी को रिकॉर्ड सीटों से जीत दिलाएगा।’ उन्होंने कहा कि ‘हमें लोगों को बूथ स्तर पर बैठकर और बात करके अपने कार्यक्रमों, डबल इंजन सरकारों के फायदों के बारे में समझाना है। जिन लोगों पर भाषण देने की जिम्मेदारी है, वे करेंगे, लेकिन कार्यकर्ताओं को बूथों पर अपनी ताकत झोंकनी होगी और बूथ पर जीत हासिल करनी होगी।’  

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