लोकसभा चुनाव का प्रथम चरण शुरू होने से दो दिन पूर्व बुधवार को तृणमूल कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणापत्र जारी करने के लिए पार्टी ने रामनवमी का दिन चुना।
राज्य में मुख्य विपक्षी भाजपा तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार पर लगातार मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाती रही है।
रामनवमी पर घोषणापत्र जारी करने के कदम को हिंदू वोटों को साधने के लिए तृणमूल की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा। इस घोषणा पत्र में 10 वादों का उल्लेख किया गया है।
पार्टी संयोजक ममता बनर्जी ने बार-बार आश्वासन दिया है कि बंगाल में कोई नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नहीं होगी।
TMC की लोकलुभावन घोषणाऐं
TMC ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है, कि केंद्र में सरकार बनने पर वह सीसीए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) को रद्द कर देगी। साथ ही, एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) को लागू नहीं करने का वादा किया है।
टीएमसी का घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि दीदी की शपथ के साथ हम हर भारतीय को रोजगार की गारंटी, सभी को घर, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, किसानों को एमएसपी, एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति देने का वादा करते हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधान मुख्य सलाहकार डॉ. अमित मित्रा ने घोषणा पत्र जारी करने के बाद कहा कि एनआरसी को रोका जाएगा। यूसीसी को पूरे देश में लागू नहीं किया जाएगा।
भाजपा लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर रही है। जब वे दिल्ली गए तो हमारे नेतृत्व को अपमानित किया गया। हम इन सभी प्रमुख मुद्दों के खिलाफ लड़ेंगे।