चुनाव आयोग ने विधान सभा चुनाव में खर्च की सीमा निर्धारित की, इतने दिनों में चुनाव का ऐलान हो सकता है

By :Admin Published on : 10-Jul-2023
चुनाव

आपकी जानकारी के लिए बतादें कि इतिहास में पहली बार चुनाव आयोग की तरफ से स्टेट ऐविएशन को कहा गया है, कि राज्य की किसी भी हवाई पट्टी पर चार्टेट विमान आता है, तो इसकी जानकारी वह तुरंत आयकर विभाग को दें। 


चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के खर्च की सीमा 28 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक बढ़ा दी है। इस वर्ष के समापन में तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसा कहा जा रहा है, कि एकमात्र मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार 25 सौ करोड़ रुपये से अधिक का खर्चा होगा। सीमा से अधिक खर्च और अवैध धन के प्रवाह पर जांच एजेंसियां काफी पैनी नजर बनाए हुए हैं।


चुनाव आयोग ने अधिकारियों से की चर्चा 


चुनाव आयोग द्वारा मध्य प्रदेश के 52 जनपदों के कलेक्टर और एसपी से चुनाव तैयारियों की चर्चा के पश्चात आयकर विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। चुनाव आयोग ने अधिकारियों से खर्च पर निगरानी बनाए रखने को कहा है। निर्वाचन आयोग की दिल्ली से आई टीम ने मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से चर्चा की है। बैठक में सामने आया है, कि 2018 में हुए सीजर को आधार नहीं बनाया जाए। गुजरात और कर्नाटक में हुए चुनाव में विगत पांच वर्षों में चुनाव में जब्ती 10 गुना बढ़ गई है। 


चुनावों की घोषणा कब तक की जा सकती है 


मध्य प्रदेश की 15वीं विधानसभा का गठन 13 दिसंबर 2018 को हुआ था। इस लिहाज से 13 दिसंबर के पूर्व 16वीं विधानसभा का गठन आवश्यक है। आयोग का कमीशन शीघ्र मध्य प्रदेश आ सकता है। कहा जा रहा है, कि छह से आठ अक्टूबर के मध्य चुनाव कार्यक्रम चालू हो जाएगा। मतदान 25 से 30 नवंबर के मध्य होने की संभावना है।


चुनावों में ‌अवैध धन का इस्तेमाल न हो इस वजह से सतर्कता बरती जा रही है। आयोग ने बुधवार को आयकर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एयरपोर्ट अथॉरिटी, स्टेट सिविल एविएशन, सीआईएसएफ, आरपीएफ, नारकोटिक्स, सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी अफसरों के साथ बैठक की है। इसी दौरान पहली बार स्टेट एविएशन को निर्देश दिया गया है, कि प्रदेश की किसी भी हवाई पट्‌टी पर चार्टर्ड विमान आता है, तो इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी। 


31 जुलाई तक अधिकारियों का हस्तांतरण कर दिया जाएगा  


मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का कहना है, कि चुनाव आयोग की तरफ से जो भी निर्देश होंगे, उन सबका पालन किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार तीन वर्ष से जो भी अधिकारी एक स्थान पर हैं, उनके हस्तांतरण और ग्रह जनपद वाले अधिकारियों के हस्तांतरण बाकी जगहों पर 31 जुलाई तक कर दिए जाएंगे। डीजीपी सुधीर सक्सेना ने बताया है, कि बालाघाट, डिंडौरी और मंडला जनपद में अतिरिक्त बल की आवश्यकता होगी। इस पर चुनाव आयोग ने विशेष ध्यान देने को कहा है।


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