बीजेपी इन पांच राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदल सकती है

By :Admin Published on : 03-Jul-2023
बीजेपी

मध्य प्रदेश में चुनाव आने वाले हैं, इसलिए किसी बड़े नेता के हाथ बागडोर देने की तैयारी की जा रही है। मध्य प्रदेश के अतिरिक्त भी कुछ राज्यों में परिवर्तन करने की तैयारी की जा रही है। 


जैसा कि हम जानते हैं, आगामी लोकसभा और विभानसभा चुनाव के लिए हर एक राजनैतिक दल सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में बीजेपी ने भी अपनी कमर कस ली है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में बीजेपी पांच राज्यों के नये प्रदेश अध्यक्षों का परिवर्तन कर सकती है। चुनावों की तैयारियों को लेकर कुछ ही दिन पूर्व पीएम मोदी ने एक जरूरी बैठक बुलाई थी, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। ऐसा कहा जा रहा है, कि इसी दौरान राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने का निर्णय लिया गया था। 


इन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने वाली है बीजेपी 


बीजेपी गुजरात, तेलंगाना, पंजाब, मध्य प्रदेश और कर्नाटक राज्य के प्रदेश अध्यक्षों को बदलने वाली है। कहा जा रहा है, कि कुछ ही घंटे में बीजेपी इन पांचों राज्यों के नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर सकती है। चुनावों की तैयारियों को लेकर कुछ ही दिन पूर्व पीएम मोदी ने एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। बताया जा रहा है, कि इसी दौरान राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदलने का निर्णय लिया गया। 


बीजेपी को कर्नाटक में हार का सामना करना पड़ा था 


कर्नाटक में भाजपा को मिली करारी हार के उपरांत फिलहाल पार्टी मंथन में जुटी है। इस मध्य पार्टी ने नेता विपक्ष के नाम पर भी अभी असमंजस रखा है। फिलहाल पार्टी बिना नेता विपक्ष के ही कर्नाटक विधानसभा के सत्र में शम्मिलित हो रही है। इसी बीच पूर्व सीएम एवं कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा को दिल्ली बुलाया गया, जहां अमित शाह ने उनसे मुलाकात की। नेता विपक्ष की नियुक्ति के लिए बीजेपी की ओर से पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। वहीं चुनाव में मिली हार की रिपोर्ट भी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएगी। जिसके बाद नए चेहरे के हाथों में पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।  


मध्य प्रदेश में चुनाव की तैयारी हुई शुरू 


मध्य प्रदेश की बात की जाए तो यहां बीजेपी सत्ता में बरकरार रहने की तैयारी कर रही है। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव प्रचार भी आरंभ हो चुका है। साथ ही पीएम मोदी भी राज्य का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले पार्टी की जिम्मेदारी एक ऐसे नेता को सौंपी जा सकती है, जो जमीनी स्तर पर काफी मजबूत हो और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत कर सके।

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